गोण्डा: विश्वविद्यालय और रिंग रोड परियोजना की समीक्षा, मंडलायुक्त ने जताई सख्ती

गोण्डा: गोंडा जिले में मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंगलवार को जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन के साथ बलरामपुर में निर्माणाधीन माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय एवं रिंग रोड परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की विस्तृत समीक्षा की तथा अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने सबसे पहले विश्वविद्यालय परिसर का जायजा लिया। उन्होंने शैक्षणिक एवं अकादमिक ब्लॉक, प्रशासनिक भवन, छात्रावास, स्टाफ एवं फैकल्टी आवास, लाइब्रेरी, लिफ्ट इंस्टॉलेशन, विद्युत व्यवस्था, पेंटिंग, पेयजल आपूर्ति, सीवर प्रणाली, सड़क निर्माण तथा समग्र परिसर विकास कार्यों की समीक्षा की। इसके साथ ही अग्निशमन एवं आपदा सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी विस्तृत निरीक्षण किया गया। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, भवनों की मजबूती और तकनीकी मानकों के अनुपालन पर विशेष जोर दिया।

इसके बाद आयोजित समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालय और रिंग रोड परियोजना की वर्तमान प्रगति, निर्धारित समयसीमा, कार्यदायी संस्थाओं की कार्यप्रणाली तथा स्वीकृत डीपीआर और मानचित्र के अनुरूप हो रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने लंबित कार्यों और बाधाओं की जानकारी लेते हुए उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।

मंडलायुक्त ने कहा कि माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय मंडल का पहला विश्वविद्यालय है और यह क्षेत्र के शैक्षणिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने वाटरप्रूफिंग, जल निकासी व्यवस्था, सुरक्षा मानकों के अनुपालन तथा छात्रावास एवं आवासीय परिसरों में मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्युत एवं सीवर कार्यों को मानक गुणवत्ता के अनुसार पूरा करने पर भी जोर दिया।

इसके बाद उन्होंने रिंग रोड परियोजना का भी निरीक्षण किया और सड़क निर्माण, मिट्टी भराई, बेस निर्माण तथा जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी बाधा का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी बलरामपुर, संबंधित विभागों के अधिकारी, अभियंता, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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