लोकसभा स्पीकर ओम बिरला अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद भले ही सदन की कार्यवाही का संचालन करने चेयर पर लौट आए हों, लेकिन विपक्ष और उनकी खींचतान जारी है। गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मिडिल ईस्ट संकट के चलते देश में खड़ी हुई एलपीजी सिलेंडर की समस्या पर बोल रहे थे, तभी उन्होंने अचानक यू-टर्न मारा और एपस्टीन पर बोलना शुरू कर दिया।
राहुल गांधी ने लोकसभा में गुरुवार को एलपीजी संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ‘अभी तो दर्द की शुरुआत हुई है। रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं, एलपीजी को लेकर घबराहट है और सड़क किनारे के विक्रेता प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है। अगर अमेरिका यह तय करे कि हम रूस से गैस या तेल खरीद सकते हैं या नहीं, तो यह समझ से परे है। मैं समझने की कोशिश कर रहा हूं कि यह पहेली क्या है और यह समझौते से जुड़ी लगती है। तेल मंत्री खुद कह चुके हैं कि वे एपस्टीन के दोस्त हैं।
इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। स्पीकर बिरला ने राहुल को टोका,’जिस विषय पर नोटिस दिया है उस पर बोलिए। इस पर बोलना है तो नोटिस दीजिए। इतना कहते ही विपक्ष के सांसद हंगामा करने लगे। बिरला ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी से बोलने को कहा- पुरी ने जैसे ही बोलना शुरू किया एपस्टीन-एपस्टीन के नारे लगे। आज सुबह लोकसभा में विपक्ष के सांसदों ने देश में सिलेंडर संकट के मुद्दे पर हंगामा किया। सांसदों ने संसद के बाहर ‘नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब’ के नारे लगाए। राहुल ने एलपीजी संकट पर चर्चा के लिए नोटिस दिया था।राहुल गांधी ने कहा- प्रधानमंत्री कहते हैं कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन वह खुद घबराए हुए लग रहे हैं, बिल्कुल अलग वजहों से। वे एप्स्टीन अदाणी केस की वजह से पैनिक हैं। आपने कल देखा कि सदन के अंदर प्रधानमंत्री की कुर्सी खाली थी। वह देश से कह रहे हैं कि घबराएं नहीं, जबकि वह खुद परेशान लग रहे हैं।
INPUT-ANANYA MISHRA
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