कानपुर । उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस को साइबर ठगी के बड़े धंधे के खुलासे में बड़ी सफलता मिली है। साइबर ठगों ने ‘मिनी जामताड़ा’ जैसा नेटवर्क बना लिया था। पुलिस ने ड्रोन रेकी, सैटेलाइट इमेजरी, एआई और बड़े पैमाने पर जासूसी के बाद मंगलवार को गांव को घेरकर 20 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान 17 अपराधी फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है। उत्तर प्रदेश पुलिस को साइबर क्राइम के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। कानपुर के रेटा गांव में पुलिस ने मंगलवार को साइबर ठगों के एक बड़े गैंग पर छापा मारकर 20 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। ये ठग ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी वेबसाइट, UPI ठगी और अन्य साइबर अपराधों में लिप्त थे। पुलिस का कहना है कि ये गैंग ‘मिनी जामताड़ा’ की तरह काम कर रहा था, जहां ठग बड़े पैमाने पर लोगों को लूट रहे थे।
कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस को रेटा गांव में साइबर ठगी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। पिछले एक महीने में एलआईयू (Economic Offences Wing), स्पेशल सेल, साइबर सेल और ड्रोन यूनिट ने संयुक्त रूप से छानबीन शुरू की। ड्रोन से रेकी की गई, सैटेलाइट इमेजरी से गांव की मैपिंग की गई और एआई टूल्स की मदद से संदिग्ध नंबरों, UPI ट्रांजेक्शन्स और कॉल डेटा की जांच की गई।
जांच में पता चला कि गांव के कई युवा बड़े पैमाने पर साइबर ठगी में शामिल थे। वे फर्जी कस्टमर केयर नंबरों से लोगों को फोन कर बैंक डिटेल्स, OTP और पिन मांगते थे। कुछ ठग फर्जी लोन ऐप्स, इन्वेस्टमेंट स्कीम और ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड भी चला रहे थे।
छापेमारी का ऑपरेशन
मंगलवार को भारी पुलिस बल के साथ गांव को चारों तरफ से घेर लिया गया। ड्रोन की मदद से पूरे इलाके की निगरानी की गई। छापेमारी के दौरान 20 साइबर अपराधियों को मौके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक 17 और अपराधी भाग निकले, जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी और नाकाबंदी जारी रखे हुए है।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने छापेमारी के दौरान कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड, बैंक अकाउंट डिटेल्स और ठगी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का मानना है कि इस गैंग से जुड़े और भी कई लोग हो सकते हैं और पूरे नेटवर्क को जल्द ही पकड़ा जाएगा।
पुलिस अधिकारी का बयान
कानपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमने तकनीक का पूरा इस्तेमाल किया। ड्रोन, एआई और सैटेलाइट इमेजरी से सटीक जानकारी जुटाई। ये ठग गांव-गांव में फैल रहे थे, लेकिन अब हमारी सख्ती से उनका मॉडस ऑपरेंडी समझने के बाद लगातार कार्रवाई हो रही है।”
उत्तर प्रदेश में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जामताड़ा (झारखंड) की तरह कुछ इलाके ठगी के हॉटस्पॉट बन गए हैं। यूपी पुलिस अब ड्रोन और एआई जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर इन गैंगों पर लगातार शिकंजा कस रही है।
यह खबर उन लोगों के लिए चेतावनी है जो अनजान नंबरों से आने वाले कॉल्स पर भरोसा करते हैं या फर्जी लिंक्स पर क्लिक करते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें।
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.











































