आगरा में नकली शराब का बड़ा खेल बेनकाब : ब्रांडेड बोतलों में जहर बेच रहा था रैकेट

आगरा के थाना हरिपर्वत क्षेत्र के रतनपुरा में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़े अवैध शराब गोदाम का भंडाफोड़ किया है। ठेके के सेल्समैन ने किराए के मकान को गोदाम बनाकर नामी ब्रांड्स की खाली बोतलों में सस्ती शराब भरकर बेचने का खेल चला रखा था। छापे में भरी हुई बोतलें, बड़ी संख्या में खाली बोतलें, नकली ढक्कन और अन्य सामान बरामद किया गया। आरोपी शराब को महंगे ब्रांड के नाम पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहा था।

आगरा जिले में अवैध शराब के कारोबार का एक नया तरीका सामने आया है। थाना हरिपर्वत के रतनपुरा इलाके में स्थित एक किराए के मकान को ठेके के सेल्समैन ने गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया। यहां नामी ब्रांड्स (जैसे महंगी विदेशी या भारतीय शराब कंपनियों) की खाली बोतलों में सस्ती लोकल शराब भरकर उसे ब्रांडेड के रूप में बेचा जा रहा था।

मुखबिर की सूचना पर आबकारी विभाग और हरिपर्वत पुलिस की टीम ने बुधवार/गुरुवार को छापा मारा। छापे के दौरान पुलिस को शराब का बड़ा जखीरा मिला। टीम ने नामी ब्रांड की बोतलों में भरी हुई शराब, बड़ी संख्या में खाली बोतलें, ढक्कन, लेबल और अन्य सामान बरामद किया। आरोपी ने 31 मार्च के बाद इस मकान को किराए पर लेकर गोदाम बनाया था।

पूछताछ में पता चला कि आरोपी सस्ती शराब को महंगे ब्रांड की बोतलों में भरकर बाजार में सप्लाई करता था। इससे ग्राहक भी धोखे में रहते थे क्योंकि बोतल असली ब्रांड की दिखती थी। पुलिस और आबकारी टीम ने पूरे मकान की तलाशी ली और सबूत इकट्ठा किए। आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है या फरार होने पर तलाश जारी है।

 

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आरोपी और तरीका:

आरोपी ठेके का सेल्समैन बताया जा रहा है, जिसने इस गतिविधि को अंजाम देने के लिए किराए का मकान चुना। पुलिस के अनुसार, यह तरीका काफी शातिराना था क्योंकि ब्रांडेड बोतलें और ढक्कन इस्तेमाल करने से आसानी से धोखा दिया जा सकता था। बरामद सामान की कीमत लाखों में बताई जा रही है।

आबकारी विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है और आगे की जांच में अन्य ठिकानों और सहयोगियों की भी तलाश की जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम, धोखाधड़ी और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

यह छापा आगरा में अवैध शराब और नकली शराब रैकेट के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। पहले भी आगरा में ऐसी कई कार्रवाइयां हो चुकी हैं, जिसमें सस्ती शराब को ब्रांडेड बोतलों में भरने या नकली फैक्ट्री चलाने के मामले सामने आए हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया:

आबकारी विभाग और पुलिस अधिकारियों ने टीम की सराहना की है। उन्होंने कहा कि ऐसे रैकेट न सिर्फ सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि जन स्वास्थ्य के लिए भी खतरा हैं क्योंकि सस्ती शराब की गुणवत्ता संदिग्ध होती है। जिला प्रशासन ने अन्य इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी है।

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