गौतम अदाणी के हाथों में सुरक्षित है जेपी एसोसिएट्स की विरासत…कंपनी के अधिग्रहण पर जयप्रकाश गौड़ का बयान

देश के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में कभी तेज़ी से उभरने वाली कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) अब एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। वर्ष 1979 में शुरू हुई यह कंपनी पिछले चार दशकों में विकास, विस्तार और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की पहचान रही है, लेकिन हालिया वर्षों में वित्तीय संकट ने इसकी रफ्तार को थाम दिया। अब, इनसॉल्वेंसी प्रक्रिया के बाद, कंपनी को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद जगी है।

उपलब्धियों से पहचान, संकट से सामना

अपनी स्थापना के बाद से जयप्रकाश एसोसिएट्स ने देश में कई प्रतिष्ठित परियोजनाओं को साकार किया। इनमें बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट, विभिन्न जलविद्युत परियोजनाएँ, सीमेंट संयंत्र, और जेपी विशटाउन, जेपी ग्रीन्स तथा जेपी स्पोर्ट्स सिटी जैसी आधुनिक टाउनशिप शामिल हैं। इन परियोजनाओं ने कंपनी को निर्माण और आधारभूत संरचना क्षेत्र में एक भरोसेमंद और सशक्त पहचान दिलाई। लेकिन समय के साथ बढ़ते कर्ज और बाजार की चुनौतियों ने कंपनी को वित्तीय संकट में डाल दिया।

इनसॉल्वेंसी की राह और समाधान की तलाश

पिछले कुछ वर्षों में बढ़ते कर्ज के दबाव के चलते कंपनी को कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रक्रिया (CIRP) में जाना पड़ा। इस दौरान कंपनी ने गृह-खरीदारों, कर्मचारियों, बैंकों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर समाधान तलाशने की कोशिश की, ताकि सभी के हित सुरक्षित रह सकें।यह प्रक्रिया आसान नहीं थी, लेकिन इसे पारदर्शी और संतुलित बनाए रखने का प्रयास लगातार किया गया।

बोली प्रक्रिया: बड़े खिलाड़ियों की एंट्री

इस इनसॉल्वेंसी प्रक्रिया के तहत बोली प्रक्रिया को समिति ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) और रेजोल्यूशन प्रोफेशनल की निगरानी में निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाया गया।इसमें अदाणी समूह (Adani Group) और वेदांता समूह (Vedanta Group) जैसे बड़े कॉर्पोरेट घरानों ने हिस्सा लिया। अंततः लेनदारों की समिति ने अदाणी समूह को सफल रेजोल्यूशन आवेदक के रूप में चुना।

यह सिर्फ कंपनी नहीं, एक यात्रा है- जयप्रकाश गौर

कंपनी के चेयरमैन जयप्रकाश गौर ने इस फैसले पर भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, जयप्रकाश एसोसिएट्स केवल एक कंपनी नहीं, बल्कि 1979 से मेरी सोच, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण की यात्रा का हिस्सा रही है। गौर ने कंपनी की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स, सीमेंट उत्पादन और आधुनिक टाउनशिप जैसे प्रोजेक्ट्स इसकी पहचान रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हाल के वर्षों में कंपनी को गंभीर वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा, जिसके चलते CIRP प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी।

पारदर्शी प्रक्रिया, निर्णय का सम्मान

गौर ने कहा कि पूरी प्रक्रिया को कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स और रेजोल्यूशन प्रोफेशनल ने पारदर्शी तरीके से संचालित किया। उन्होंने अदाणी समूह और वेदांता समूह दोनों की भागीदारी के लिए आभार जताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अदाणी समूह को सफल बोलीदाता चुना जाना नियमों और मूल्यांकन के आधार पर लिया गया निर्णय है, जिसका वे सम्मान करते हैं।

नई शुरुआत की उम्मीद

गौर ने विश्वास जताया कि गौतम अडानी के नेतृत्व में कंपनी फिर से मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इस नए सहयोग से सभी हितधारकों  खासकर गृह-खरीदारों और निवेशकों  की उम्मीदें पूरी होंगी।उन्होंने इसे ‘नई शुरुआत’ बताते हुए कहा कि जयप्रकाश एसोसिएट्स एक बार फिर विकास की राह पर लौट सकती है।

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