मथुरा : मथुरा के वृंदावन में शुक्रवार दोपहर केशी घाट पर यमुना नदी में एक दुखद हादसा हो गया। पंजाब से आए बांके बिहारी क्लब के 30 से अधिक श्रद्धालुओं से भरी प्राइवेट मोटर बोट पैंटून पुल (पीपा पुल) से टकराकर पलट गई। हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग अभी लापता हैं। 22 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। नाविक ने क्षमता से ज्यादा लोगों को बिठाया और लाइफ जैकेट नहीं पहनाई थी।
हादसा कैसे हुआ
श्रद्धालु सुबह वृंदावन पहुंचे थे। निधिवन के दर्शन के बाद वे यमुना में घूमने के लिए मोटर बोट पर सवार हुए। दो नावें थीं, जिनमें से एक पलटी। लुधियाना निवासी तनिश ने बताया कि सभी कीर्तन कर रहे थे और खुश थे। अचानक नाव पुल की तरफ बढ़ने लगी। उन्होंने नाविक को चार बार रोका, लेकिन नाविक नहीं माना। तेज हवा और तेज गति में नाव पीपा पुल से टकराई और पलट गई।
नाव सवारों ने चेतावनी दी थी कि ज्यादा लोग हैं, लेकिन नाविक ने पहले चार लोगों को दूसरी नाव में शिफ्ट किया और फिर आगे बढ़ गया। तनिश ने बताया कि नाव पलटते ही हाहाकार मच गया। कुछ लोग नाव में फंस गए, जबकि कई पानी में गिर पड़े।
बचाव कार्य और लापरवाही
नाव पलटने के बाद नाविक खुद कूदा नहीं और किसी को मदद के लिए नहीं पुकारा। श्रद्धालुओं ने खुद एक-दूसरे को खींचने की कोशिश की। हाथ छिल गए, लेकिन नाव डूबने लगी। आसपास की किश्तियों ने कई लोगों को बचाया। बाद में गोताखोर, SDRF, NDRF और सेना की टीम पहुंची। सेना के गोताखोरों ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया।
श्वेत जैन ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के बाद पैंटून पुल के पीपे खोल दिए गए थे, जो नदी में बह रहे थे। नाव इनसे टकराई। नाव की क्षमता 15 लोगों की थी, लेकिन 25-30 लोग सवार थे। किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। सूबेदार अखिलेश पांडेय ने कहा कि लाइफ जैकेट होती तो लोगों को बचने का समय मिल जाता।
मृतकों का विवरण
मृतकों में ज्यादातर लुधियाना के हैं। इनमें 7 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। कई एक ही परिवार के सदस्य हैं। मुख्य मृतक:
– पिंकी (पत्नी चंदर सिंह, जागरांव, लुधियाना)
– आशा रानी (पत्नी अर्जुन मीणा, हिसार)
– कविता (पत्नी विकास कुमार, जागरांव, लुधियाना)
– मीनू (फेज-2, डुंगरी, लुधियाना)
– अंजू (पत्नी रिंकेश गुलाटी)
– रिंकेश गुलाटी (डुंगरी, लुधियाना)
– चरणजीत (लुधियाना)
– मधुर बहल (पुत्र विजय, गीता कॉलोनी, लुधियाना)
– ईशान कटेरिया (जागरांव, लुधियाना)
– सपना
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प्रशासन की प्रतिक्रिया
मथुरा डीएम चंद्र प्रकाश सिंह और डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने हादसे की पुष्टि की। नाविक फरार हो गया था, लेकिन बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त किया और घायलों के तुरंत इलाज के निर्देश दिए। घटनास्थल पर एंबुलेंस तैनात हैं और घायलों को अस्पताल भेजा जा रहा है। पुलिस ने ओवरलोडिंग, लाइफ जैकेट न पहनाने और नाविक की लापरवाही के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों का दर्द
बचाए गए तनिश और अन्य श्रद्धालु सदमे में हैं। उनकी आंखों से आंसू नहीं थम रहे। उन्होंने कहा कि नाविक की लापरवाही से यह हादसा हुआ। परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। घाट पर चीत्कार गूंज रहा है।
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