उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गाजियाबाद में सामने आए कथित आईएसआई जासूसी नेटवर्क मामले में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के शामिल होने की संभावना बढ़ गई है। गाजियाबाद पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एनआईए की टीम ने केस से जुड़ी एफआईआर, केस डायरी और अन्य अहम दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में केंद्रीय एजेंसी खुद का केस दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर सकती है।
अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी
स्थानीय पुलिस ने इस कथित जासूसी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि यह नेटवर्क केवल गाजियाबाद तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार देश के कई अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसियां इस पूरे मॉड्यूल की व्यापकता को समझने की कोशिश कर रही हैं।
सैन्य ठिकानों के आसपास तकनीकी जासूसी का तरीका
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने आर्मी कैंट और अन्य संवेदनशील इलाकों के पास सोलर पावर से चलने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। इन कैमरों को इस तरह डिजाइन किया गया था कि इन्हें बाहरी बिजली की जरूरत नहीं पड़ती थी, जिससे इन्हें लंबे समय तक बिना संदेह के चलाया जा सकता था।
पाकिस्तान तक पहुंचाई जा रही थी जानकारी
खुफिया सूत्रों के अनुसार, इन कैमरों के जरिए संवेदनशील स्थानों की लाइव फीड कथित तौर पर पाकिस्तान तक भेजी जा रही थी। यह पूरा नेटवर्क इस तरह तैयार किया गया था कि भारत के महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके। इसे सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर सेंध के रूप में देखा जा रहा है।
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दिल्ली और मुंबई तक फैला नेटवर्क
जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह मॉड्यूल केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में भी सक्रिय था। इन स्थानों से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध सेटअप बरामद किए गए हैं, जिससे इस साजिश के व्यापक नेटवर्क का अंदेशा और मजबूत हुआ है।
एनआईए करेगी अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहन जांच
अब एनआईए इस पूरे मामले में विदेशी संपर्कों, फंडिंग स्रोतों और तकनीकी मदद के पहलुओं की गहराई से जांच कर सकती है। एजेंसी का फोकस यह समझने पर होगा कि यह नेटवर्क कैसे संचालित हो रहा था और इसके पीछे कौन-कौन से अंतरराष्ट्रीय लिंक सक्रिय थे, ताकि पूरे जासूसी तंत्र को पूरी तरह खत्म किया जा सके।











































