UP: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गाजियाबाद (Ghaziabad) लोनी क्षेत्र से दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक लंबे समय से फरार चल रहे दोषी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सलीम वास्तिक (Salim Wastik) पूर्व नाम सलीम खान (Salim Khan) के रूप में हुई है, जो 1995 के एक हाई-प्रोफाइल अपहरण और हत्या मामले में दोषी ठहराया जा चुका था।
1995 का सनसनीखेज अपहरण मामला
यह मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली का है, जहां एक कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे संदीप बंसल का अपहरण कर लिया गया था। अपहरण के अगले ही दिन आरोपियों ने फोन कर 30,000 रुपये की फिरौती मांगी थी और रकम न मिलने पर बच्चे की हत्या की धमकी दी थी।
जांच में सामने आया था मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षक का नाम
पुलिस जांच के दौरान शक सलीम खान पर गया था, जो उस समय बच्चे के स्कूल में मार्शल आर्ट्स सिखाता था। पूछताछ के दौरान उसने अपराध स्वीकार कर लिया था और उसकी निशानदेही पर बच्चे का शव भी बरामद किया गया था।
कोर्ट से उम्रकैद और फिर फरार होने की कहानी
साल 1997 में अदालत ने सलीम और उसके साथी अनिल को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि 2000 में सलीम को दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिली और इसके बाद वह फरार हो गया। बाद में 2011 में हाईकोर्ट ने उसकी सजा बरकरार रखी, लेकिन तब तक वह गिरफ्त से बाहर था।
पहचान बदलकर सालों तक छिपता रहा आरोपी
बताया जाता है कि फरार होने के बाद उसने अपनी पहचान बदल ली थी। उसने खुद को मृत घोषित करने की कोशिश की और नया नाम सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक अपना लिया। वह हरियाणा और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में छिपकर रहता रहा।
लोनी में नया जीवन और सोशल मीडिया पर सक्रियता
आखिरकार वह गाजियाबाद के लोनी इलाके में बस गया और कपड़ों का कारोबार करने लगा। इस दौरान वह सोशल मीडिया और यूट्यूब पर भी सक्रिय हो गया था, जहां उसके विवादित बयानों के कारण वह चर्चा में आया।
पुरानी फाइलों और तकनीकी जांच से खुली पहचान
हाल ही में मिले सुरागों, पुराने रिकॉर्ड, फिंगरप्रिंट और तस्वीरों के मिलान के आधार पर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसकी पहचान की पुष्टि की। लंबी निगरानी और जांच के बाद पुलिस ने उसे लोनी से गिरफ्तार कर लिया।

















































