ओडिशा से उत्तर प्रदेश लाई जा रही 21 लाख रुपये की गांजा खेप बरामद, दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

कायमगंज : मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) मेरठ और कायमगंज कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 21 लाख रुपये कीमत का 42.5 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि गांजे की खेप लेने आने वाले मुख्य खरीदार की तलाश में दबिश दी जा रही है।

पुलिस के अनुसार एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में गांजा लेकर दो तस्कर कायमगंज क्षेत्र में पहुंचने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त टीम ने कायमगंज बाईपास स्थित बेरिया तिराहे के पास घेराबंदी कर दी। इसी दौरान बस से उतरे दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर उनके सामान की तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान एक सूटकेस और दो बैगों से कुल 42.5 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी, जिसके बाद नायब तहसीलदार अनवर हुसैन मौके पर पहुंचे। उनकी मौजूदगी में बरामद गांजे का वजन कराया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए माल को सील किया गया।

पूछताछ में गिरफ्तार तस्करों ने पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। आरोपियों ने बताया कि गांजे की यह खेप ओडिशा के कोरापुट क्षेत्र से लाई जा रही थी। वहां से वे ट्रेन के जरिए पहले रायपुर (छत्तीसगढ़) पहुंचे और फिर कानपुर तथा फर्रुखाबाद होते हुए बस से कायमगंज आए थे। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है, जिसकी अन्य कड़ियों की भी जांच की जा रही है।

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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के सिवान निवासी सतेंद्र चौधरी उर्फ मुन्ना तथा ओडिशा के कोरापुट निवासी मिन्ना के रूप में हुई है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि बरामद गांजे की खेप एटा जनपद के थाना जैथरा क्षेत्र के गांव गोहटिया निवासी कैसर खां को सौंपी जानी थी। पुलिस ने मुख्य खरीदार की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश शुरू कर दी है।

इस सफल अभियान में एएनटीएफ मेरठ की टीम से उप निरीक्षक राजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल पंकज, रोहित एवं कपिल रावत शामिल रहे। वहीं कायमगंज कोतवाली से उप निरीक्षक अरविंद कुमार यादव, जावेंद्र सिंह तथा प्रवीण यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कोतवाली पुलिस ने एएनटीएफ की तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अब बरामद गांजे के स्रोत, सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य तस्करों की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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