तीन दिन की बारिश में डूबा विकास ! फर्रुखाबाद की सड़कों पर भरा गंदा पानी, नगर पालिका की तैयारियों की खुली पोल

फर्रुखाबाद : जिले में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने एक ओर लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका और प्रशासन के विकास कार्यों की हकीकत भी उजागर कर दी है। शनिवार तड़के हुई बारिश के बाद शहर के कई मोहल्लों, गलियों और प्रमुख मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन गई। जगह-जगह सड़कों पर गंदा पानी भर जाने से लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ और नगर पालिका की नाला-नाली सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

बारिश के बाद सामने आई तस्वीरें शहर के विकास के दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं। कई स्थानों पर गलियां तालाब में तब्दील हो गईं, जबकि मुख्य मार्गों पर भी पानी जमा होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर वर्ष बरसात से पहले नालियों की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही अच्छी बारिश में पूरा सिस्टम फेल हो जाता है।

गलियों में भरा गंदा पानी, घरों तक पहुंची परेशानी

सिटी पब्लिक स्कूल के आसपास की गलियों, केशव नगर मार्ग और कई आवासीय क्षेत्रों में बारिश का पानी घंटों जमा रहा। तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि संकरी गलियां पूरी तरह पानी में डूबी हुई हैं। लोगों को घरों से निकलने के लिए पानी के बीच से गुजरना पड़ा। कई स्थानों पर गंदे पानी के कारण बदबू और संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपये के विकास कार्यों और नालियों के निर्माण पर खर्च होने के बावजूद जलनिकासी की समस्या जस की तस बनी हुई है। उनका आरोप है कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से बारिश का पानी निकल नहीं पाता और सड़कें जलमग्न हो जाती हैं।

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मुख्य मार्गों पर भी जलभराव, यातायात प्रभावित

शहर के कई प्रमुख मार्गों पर भी पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क किनारे जमा पानी के कारण दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया। कुछ स्थानों पर राहगीरों को पानी से बचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ा।

फतेहगढ़-फर्रुखाबाद मार्ग पर स्थित 6 नंबर क्रॉसिंग के पास नाला चोक होने के कारण सड़क पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा। वहीं डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल परिसर में भी जलभराव की स्थिति देखी गई, जिससे मरीजों और तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

किसानों के लिए राहत, शहरवासियों के लिए आफत

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी। मक्का और धान की फसल के लिए खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे किसानों को लाभ मिलेगा। लेकिन शहरी क्षेत्रों में जलनिकासी व्यवस्था की खराब स्थिति ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

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जनता पूछ रही सवाल

बारिश के बाद शहर में एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि जब हर साल बरसात आती है तो जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं हो पाता? नालियों की सफाई और निर्माण कार्यों पर खर्च होने वाले बजट का लाभ आखिर जमीन पर क्यों दिखाई नहीं देता?

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते नालों और नालियों की सफाई कराई जाती तथा जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाता तो शहर के लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। अब लोगों की निगाहें नगर पालिका प्रशासन पर टिकी हैं कि वह जलभराव की समस्या से निपटने के लिए क्या कदम उठाता है।

फिलहाल तीन दिन की बारिश ने मौसम को तो सुहाना बना दिया है, लेकिन फर्रुखाबाद शहर में विकास और जलनिकासी व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर भी लोगों के सामने ला दी है।

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