‘हम बिल्कुल एक परिवार के हैं और वो चीज कोई बदल नहीं…’, सपा का झंडा जलाने पर बोलीं अपर्णा यादव

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव (Aparna Yadav) ने हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) का झंडा जलाए जाने की घटना पर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं था, बल्कि महिला आरक्षण कानून को लेकर उपजा आक्रोश था। उनके अनुसार, यह कदम महिलाओं की भावनाओं और असंतोष को व्यक्त करने के लिए उठाया गया था।

राजनीतिक दलों पर लगाए आरोप

अपर्णा यादव ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केवल औपचारिकता निभा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल आम घर की महिलाओं को आगे बढ़ने से रोकते हैं और परिवारवाद को प्राथमिकता देते हैं। अपर्णा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने महिला आरक्षण कानून को आगे बढ़ाने में गंभीर प्रयास किए हैं।

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सपा झंडा जलाने पर दी सफाई

लखनऊ में विधानसभा के सामने हुए प्रदर्शन के दौरान सपा और कांग्रेस के झंडे जलाए जाने की घटना पर अपर्णा यादव ने कहा कि यह प्रतीकात्मक विरोध था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी दल या व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं था, बल्कि व्यवस्था के प्रति असंतोष को व्यक्त करना था। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और यह विरोध उसी भावना का हिस्सा था।

परिवार और राजनीतिक रिश्तों पर बयान

अखिलेश यादव के परिवार से जुड़े सवाल पर अपर्णा ने कहा कि हम बिल्कुल एक परिवार के हैं और वो चीज कोई बदल नहीं सकता कि हम परिवार के नहीं हैं। लेकिन, जो चीज गलत है उसे बताना भी जरूरी है वरना चीजें सही नहीं होगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी मुद्दे पर असहमति हो तो उसे स्पष्ट रूप से सामने रखना जरूरी है, ताकि स्थिति में सुधार हो सके और सही दिशा में बदलाव आए।

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