गोरखपुर। शिक्षाशास्त्र विभाग, दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर द्वारा पुरातन छात्र सम्मेलन एवं “विकसित भारत@2047: शिक्षक शिक्षा की भूमिका” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन आज दिनांक 25 अप्रैल, 2026 को महाराणा प्रताप परिसर स्थित शिक्षाशास्त्र विभाग में किया जाएगा।
उक्त आशय की जानकारी देते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. सुनीता दुबे एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी की संयोजक प्रो. सुषमा पाण्डेय ने संयुक्त रूप से बताया कि इस सेमिनार एवं पुरातन छात्र सम्मेलन का उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में शिक्षक शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका पर विचार-विमर्श करना है। कार्यक्रम में देशभर के विभाग के पुरातन छात्र, शिक्षाविद, शोधार्थी एवं विशेषज्ञ प्रतिभाग करेंगे तथा शिक्षक शिक्षा के विविध आयामों—जैसे नवाचार, डिजिटल शिक्षण, समावेशी शिक्षा एवं कौशल-आधारित शिक्षण—पर अपने विचार साझा करेंगे।
सेमिनार में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों एवँ पुरातन छात्रों के साथ-साथ विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें शोधपत्रों की प्रस्तुति एवं सार्थक चर्चा होगी। कार्यक्रम शिक्षा के क्षेत्र में नवीन दृष्टिकोण विकसित करने एवं नीति-निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन एवं आयोजन समिति ने सभी शिक्षकों, पुरातन छात्रों, शोधार्थियों एवं शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े इच्छुक प्रतिभागियों से इस महत्वपूर्ण अकादमिक आयोजन में सहभागिता हेतु आमंत्रित किया है। उक्त आशय की जानकारी शिक्षाशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सुनीता दुबे एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी की संयोजक प्रो. सुषमा पाण्डेय ने संयुक्त रूप से दीl
Also Read : चूल्हे की ‘चिंगारी’ बनी काल, छप्पर में सो रहे 3 साल के मासूम की जिंदा जलकर मौत














































