गोरखपुर। विकास भवन सभागार में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान, उपाध्यक्ष अपर्णा यादव एवं चारू चौधरी समेत आयोग की सदस्यगणों की उपस्थिति में समीक्षा बैठक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के सुरक्षित व सकारात्मक उपयोग तथा मानव तस्करी निरोधक विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इसमें अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन को विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही जनपद में महिलाओं से संबंधित योजनाओं, शिकायतों के निस्तारण, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई।
बैठक में आयोग की सदस्य अंजू प्रजापति, प्रियंका मौर्य, ऋतु शाही, एकता सिंह, पूनम द्विवेदी, अनीता गुप्ता, सुनीता श्रीवास्तव, अनुपमा सिंह लोधी, सुजीता कुमारी, मीना कुमारी, नीलम प्रसाद, गीता चिन्द, पुष्पा पाण्डेय, सुनीता सैनी, अर्चना पटेल, जनक नंदिनी, प्रतिमा कुशवाहा, सपना कश्यप, संगीता जैन, मीनाक्षी बराला, मनीषा अहलावत, डॉ. हिमानी अग्रवाल, गीता विश्वकर्मा, रेनू गौड़ और अलका सिंह उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर बाल विकास पुष्टाहार विभाग की ओर से स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई। अन्नप्राशन और गोदभराई कार्यक्रम के माध्यम से लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में जनपद स्तरीय अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, महिला स्वयं सहायता समूह, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जनपद स्तर पर समन्वय और लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाकर महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है।














































