आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका देते हुए 7 सांसदों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके अलावा चार अन्य सांसद, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल ने भी पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया है। इतने बड़े स्तर पर हुए इस्तीफों ने पार्टी के भीतर उथल-पुथल बढ़ा दी है।
स्वाति मालीवाल का एक्स पोस्ट
साल 2006 में अपनी नौकरी छोड़कर मैंने देश सेवा का मार्ग चुना था। RTI आंदोलन, अन्ना आंदोलन, आम आदमी पार्टी के गठन और दिल्ली महिला आयोग में 8 साल निष्ठापूर्वक काम करते हुए, मैंने हर चरण में पूरी ईमानदारी और समर्पण से योगदान दिया।
जिन सिद्धांतों, मूल्यों और ईमानदार राजनीति के संकल्प…
— Swati Maliwal (@SwatiJaiHind) April 24, 2026
इस्तीफे के बाद स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबा पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि 2006 में उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर देश सेवा का रास्ता चुना था। आरटीआई आंदोलन, अन्ना आंदोलन, पार्टी के गठन और दिल्ली महिला आयोग में आठ वर्षों तक काम करते हुए उन्होंने हर जिम्मेदारी को ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाया।
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पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप
मालीवाल ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों और आदर्शों से भटक चुकी है। उन्होंने कहा कि उनके साथ मुख्यमंत्री आवास पर दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना हुई, और आरोप लगाया कि इस मामले में दोषियों को बचाने की कोशिश की गई। इसके अलावा उन्होंने पार्टी में बढ़ते भ्रष्टाचार, महिलाओं के उत्पीड़न और अनुशासनहीनता पर भी गंभीर सवाल उठाए।
इस्तीफे के पीछे की वजह और आगे की योजना
स्वाति मालीवाल ने स्पष्ट किया कि इन घटनाओं और परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी बताया कि वह फिलहाल संसदीय समिति की बैठक के लिए ईटानगर में हैं और दिल्ली लौटने के बाद इस पूरे मामले पर विस्तार से अपनी बात रखेंगी।
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