UP: उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी को बड़ा विस्तार मिलने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही राज्य में संचालित एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई बढ़कर 1910 किलोमीटर तक पहुंच जाएगी। इससे देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी।
यूपी का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे: गंगा एक्सप्रेसवे
मेरठ से प्रयागराज तक फैला गंगा एक्सप्रेसवे राज्य का अब तक का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है। यह परियोजना दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास के बाद शुरू हुई थी और नवंबर 2022 में निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ा।
- लंबाई: 594 किलोमीटर
- जिले: 12
- गांव: 519
- लागत: लगभग 36,230 करोड़ रुपये
- निर्माण एजेंसी: उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा)
- डिजाइन: भविष्य में 8 लेन विस्तार योग्य 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को सीधे जोड़कर व्यापार, उद्योग और यात्रा को अधिक आसान बनाएगा।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे भी जल्द शुरू होगा
राज्य में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का संचालन मई में शुरू होने की संभावना है। इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा बनाया जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद यूपी में कुल एक्सप्रेसवे लंबाई बढ़कर लगभग 1973 किलोमीटर हो जाएगी।
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2029 तक 3200 किलोमीटर का लक्ष्य
राज्य सरकार ने आने वाले वर्षों में 11 नई एक्सप्रेसवे और लिंक परियोजनाओं पर काम शुरू किया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है और इसे इस वर्ष तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर 2029 तक यूपी में एक्सप्रेसवे नेटवर्क बढ़कर लगभग 3200 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा।
मौजूदा प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क
उत्तर प्रदेश में पहले से ही कई बड़े एक्सप्रेसवे संचालित हैं:
- यमुना एक्सप्रेसवे – 165 किमी
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे – 302 किमी
- पूर्वांचल एक्सप्रेसवे – 341 किमी
- बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे – 296 किमी
- गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे – 91 किमी
- नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे – 25 किमी
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे – 96 किमी
- इन सभी की कुल लंबाई लगभग 1316 किलोमीटर है।
गंगा एक्सप्रेसवे की खास संरचना
इस एक्सप्रेसवे को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए बड़ी संख्या में संरचनाएं बनाई गई हैं:
- बड़े पुल: 14
- छोटे पुल: 165
- फ्लाईओवर: 32
- रेलवे ओवरब्रिज: 7
- वाहन अंडरपास: 453
- पुलिया: 795
- इंटरचेंज: 17
- हवाई पट्टी: 3.5 किमी
- जन सुविधा केंद्र: 9
- टोल प्लाजा: 19 रैंप, 2 मुख्य (मेरठ और प्रयागराज)
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क्या बदलेगा इस परियोजना से?
गंगा एक्सप्रेसवे और अन्य परियोजनाओं के शुरू होने से राज्य में तेज़ यातायात, बेहतर औद्योगिक कनेक्टिविटी और ग्रामीण-शहरी संपर्क में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। यह उत्तर प्रदेश को देश के सबसे मजबूत सड़क नेटवर्क वाले राज्यों में और आगे ले जाएगा।
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