मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में हाईवे थाना क्षेत्र के महोली गांव में उस समय भारी दहशत फैल गई जब 84 कोस परिक्रमा मार्ग पर भंडारा लगाने के विवाद में दो पक्ष आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से अवैध हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। करीब 30 मिनट तक गांव की गलियों में गोलियां गूंजती रहीं, जिससे न केवल स्थानीय ग्रामीणों बल्कि वहां से गुजर रहे परिक्रमार्थियों में भी अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
मिली जानकारी के अनुसार, महोली गांव में पार्षद प्रतिनिधि और गांव के ही निवासी चंद्रपाल के बीच करीब 6 महीने पहले किसी बात को लेकर गंभीर झगड़ा हुआ था। उस समय गांव के जिम्मेदार लोगों ने बीच-बचाव करते हुए दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया था।
छह महीने पहले शांत हुआ यह विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था। बुधवार को पुरानी रंजिश एक बार फिर उभर आई और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और वे आपस में भिड़ गए।
इस हिंसक झड़प में दो लोगों को सीधे गोली लगी है, जबकि पथराव और मारपीट में करीब छह लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी श्लोक कुमार और एसपी सिटी राजीव कुमार भारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सभी घायलों को आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों के अनुसार एक घायल की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दोनों पक्षों के लोग सरेराह एक-दूसरे पर गोलियां बरसा रहे थे, जिससे पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। पुलिस प्रशासन ने फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है।
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अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले और अवैध हथियारों का प्रदर्शन करने वाले अराजक तत्वों को चिन्हित किया जा रहा है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।














































