कुशीनगर : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में विकास परियोजनाओं के कार्यक्रम के दौरान ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि फाजिलनगर का नाम अब पावागढ़ (पावा नगरी) कर दिया जाएगा। CM योगी ने साफ कहा — “अब यह फाजिलनगर नहीं कहा जाएगा, बल्कि भगवान महावीर के नाम से पावागढ़ के रूप में मान्यता दी जाएगी। क्यों हम फाजिल कहेंगे!”
CM योगी का संबोधन
कुशीनगर में ₹424 करोड़ की 278 परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाम परिवर्तन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्राचीन ग्रंथों में इस स्थान को पावागढ़ या पावा के नाम से जाना जाता था। यह जगह जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के महापरिनिर्वाण से जुड़ी हुई है।
CM योगी ने जोर देकर कहा, “भगवान महावीर का जन्म वैशाली में हुआ था, लेकिन उनका महापरिनिर्वाण स्थल यहीं है। हम इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल को उसकी प्राचीन पहचान वापस दिला रहे हैं।”
फाजिलनगर से पावागढ़ : विरासत की पुनर्स्थापना
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक काल में इस जगह की प्राचीन सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत धूमिल हो गई थी। अब सरकार इसे फिर से भगवान महावीर से जोड़कर उसकी सच्ची पहचान स्थापित कर रही है।
उन्होंने पूछा, “क्यों हम फाजिल कहेंगे?” और जोर दिया कि अब यह स्थान पावा नगरी या पावागढ़ के रूप में जाना जाएगा। यह फैसला जैन परंपरा, बौद्ध विरासत और कुशीनगर की समृद्ध आध्यात्मिक धरोहर को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सांस्कृतिक जागरण और विकास का समन्वय
यह घोषणा उसी कार्यक्रम के दौरान आई जिसमें योगी सरकार ने कुशीनगर में बड़े पैमाने पर विकास कार्यों की सौगात दी। CM योगी ने कहा कि नाम बदलना सिर्फ शब्दों का परिवर्तन नहीं, बल्कि सदियों पुरानी विरासत को पुनर्जीवित करने का संकल्प है।
कुशीनगर पहले से ही भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल के रूप में विश्व प्रसिद्ध है। अब पावागढ़ नामकरण से जैन और बौद्ध दोनों परंपराओं का केंद्र बनने की दिशा में यह क्षेत्र और आगे बढ़ेगा।
जनता और भक्तों में उत्साह
इस ऐलान पर जैन समाज और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। राम मंदिर निर्माण की तरह ही सनातन और प्राचीन भारतीय विरासत को पुनर्स्थापित करने की योगी सरकार की नीति के तहत यह एक और बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान फिर दोहराया कि उनकी सरकार विकास के साथ-साथ संस्कृति और आस्था की रक्षा भी कर रही है। पावागढ़ अब न केवल एक नाम होगा, बल्कि भगवान महावीर की भक्ति और जैन दर्शन का प्रतीक बनेगा।
यह फैसला उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण और ऐतिहासिक नामों की बहाली की दिशा में योगी सरकार की निरंतर यात्रा को और मजबूत करता है।













































