परिजनों ने लगाया गलत इलाज और लापरवाही का आरोप, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा

फर्रुखाबाद। शहर के कादरी गेट थाना क्षेत्र स्थित एक निजी नर्सिंग होम में प्रसूता की मौत के बाद शुक्रवार को जमकर हंगामा हो गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए तथा स्थिति को नियंत्रित किया।

जानकारी के अनुसार मैनपुरी जनपद के किरोली गांव निवासी संदीप की पत्नी संध्या को प्रसव पीड़ा होने पर 10 जून को शहर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक अस्पताल में संध्या ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था। डिलीवरी के बाद परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन तीन दिन बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

मृतका के पति संदीप का आरोप है कि डिलीवरी के बाद डॉक्टरों द्वारा किए गए उपचार में गंभीर लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि शुक्रवार को संध्या की हालत अचानक खराब होने लगी और उसके मुंह से झाग निकलने लगा। जब परिजनों ने डॉक्टरों से जानकारी मांगी तो उन्हें तत्काल दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दे दी गई।

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परिजनों का आरोप है कि जब वे संध्या को लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचे तो वहां के चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद गुस्साए परिजन शव को लेकर वापस नर्सिंग होम पहुंचे और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते सही उपचार मिलता तो संध्या की जान बचाई जा सकती थी।

घटना की सूचना पर सीओ सिटी अभय वर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाकर शांत कराया और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

सीओ सिटी अभय वर्मा ने बताया कि महिला को 10 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसने बच्चे को जन्म दिया था। परिजनों द्वारा इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल है। वहीं परिजनों ने दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं, जिससे प्रसूता की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

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