UP: लखनऊ के 4 प्रमुख चौराहों का होगा कायाकल्प, रीमॉडलिंग से सुधरेगी यातायात व्यवस्था

लखनऊ: यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और प्रमुख चौराहों को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में लखनऊ नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत शहर के चार व्यस्त चौराहों के सुंदरीकरण और रीमॉडलिंग का काम शुरू किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य ट्रैफिक दबाव कम करना और नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

चार प्रमुख चौराहों का होगा कायाकल्प

नगर निगम ने पहले चरण में गोल मार्केट चौराहा, कठौता चौराहा, नेशनल पीजी कॉलेज चौराहा और पासी किला चौराहा को चयनित किया है। इन स्थानों पर मार्ग चौड़ीकरण, प्रोफाइल करेक्शन, रोटरी विकास और सौंदर्याकरण जैसे कार्य कराए जाएंगे। परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है और इसके लिए पहली किस्त की धनराशि भी जारी कर दी गई है।

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ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

अधिकारियों के अनुसार चयनित चौराहों पर रोजाना भारी यातायात का दबाव रहता है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनती है। रीमॉडलिंग के बाद वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी, सड़क सुरक्षा में सुधार आएगा और लोगों को सफर के दौरान राहत मिलेगी। साथ ही चौराहों को आकर्षक स्वरूप देकर शहर की सुंदरता में भी इजाफा किया जाएगा।

ई-टेंडर के जरिए होगा निर्माण कार्य

परियोजना के लिए कार्यदायी संस्था का चयन ई-निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जा रहा है। यातायात विभाग और लोक निर्माण विभाग से आवश्यक अनापत्तियां प्राप्त कर ली गई हैं। चयनित एजेंसी ने स्थल निरीक्षण और सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया है, जिसके आधार पर स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

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वृंदावन में बनेगा 300 ई-बसों का हाईटेक डिपो

दूसरी ओर, लखनऊ के वृंदावन क्षेत्र स्थित पी-4 पार्किंग में 300 नई इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन के लिए पीपीपी मॉडल पर अत्याधुनिक डिपो बनाने की तैयारी तेज हो गई है। टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है और चार कंपनियां दौड़ में बनी हुई हैं। प्रदेश के 18 शहरों के लिए स्वीकृत 1,725 इलेक्ट्रिक बसों में से 300 बसें लखनऊ को मिलेंगी। इनमें विभिन्न आकार की बसें शामिल होंगी, जिन्हें सड़क की चौड़ाई और स्थानीय जरूरतों के अनुसार संचालित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सके।

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