आईटी ब्रांच के विद्यार्थियों ने स्थापित किए सफलता के नए मानक, 45 प्रतिशत से अधिक छात्रों को मिला प्लेसमेंट

Gorakhpur : दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) का सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता, तकनीकी नवाचार एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा के माध्यम से लगातार नई उपलब्धियां अर्जित कर रहा है। पिछले शैक्षणिक सत्र में विभाग के अनेक विद्यार्थियों ने विभिन्न सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया, जबकि 45 प्रतिशत से अधिक छात्रों ने प्रतिष्ठित आईटी कंपनियों एवं स्टार्टअप्स में सफल प्लेसमेंट हासिल किया।

प्लेसमेंट प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में टैकल बॉक्स में नौ, प्रॉप शॉप में पांच, मेडियंस में छह, इन्वेस्ट्रोश्योर में पांच, इंटेलिपैथ में पांच तथा इन्फोडाट में पांच छात्रों का चयन हुआ। इसके अतिरिक्त कई विद्यार्थी स्वयं के स्टार्टअप स्थापित कर रोजगारपरक परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं।

विभाग के विद्यार्थियों ने GATE परीक्षा में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश सुनिश्चित किया है। यह उपलब्धि विभाग की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समर्पित संकाय एवं विद्यार्थियों के कठोर परिश्रम का प्रमाण है।

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वर्तमान में आईटी ब्रांच 150 सीटों के साथ सफलतापूर्वक संचालित हो रही है और विद्यार्थियों को उद्योग-संचालित पाठ्यक्रम, आधुनिक प्रयोगशालाओं तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा एवं डेटा साइंस जैसे उभरते क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त करने का अवसर प्रदान कर रही है। अनुभवी संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता, नवाचार तथा समस्या-समाधान क्षमता का विकास किया जाता है।

विद्यार्थियों के बहुआयामी विकास हेतु विभाग द्वारा नियमित रूप से तकनीकी सेमिनार एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। गत सत्र में आयोजित “AI in GIS System and Its Application” विषयक व्याख्यान में इसरो की एसोसिएट प्रोफेसर एवं स्टूडेंट कोऑर्डिनेटर डॉ. स्वर्णिमा सिंह ने अपने विचार व्यक्त किए। वहीं “Synergizing AI and Modern Research Frameworks” तथा “Integrating Artificial Intelligence in Modern Research” विषयों पर एमएमएमयूटी, गोरखपुर के डॉ. विपुल नारायण श्रीवास्तव एवं डॉ. स्वप्निता श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकी प्रवृत्तियों से अवगत कराया।

व्यावहारिक एवं नवाचार आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभाग द्वारा तीन दिवसीय एयरो मॉडलिंग कार्यशाला का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने स्वयं फ्लाइंग मॉडल तैयार कर उनका सफल परीक्षण किया। यह कार्यशाला विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।

कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा, “आईटी विभाग की उपलब्धियां विश्वविद्यालय की गुणवत्ता आधारित तकनीकी शिक्षा और नवाचार संस्कृति का प्रमाण हैं। हमें विश्वास है कि हमारे विद्यार्थी भविष्य में राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे।”

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