UP: माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से प्रदेशभर के 465 विद्यालयों की मान्यता समाप्त कर दी है। बोर्ड की ओर से जारी आदेश के अनुसार इन स्कूलों में पिछले दो शैक्षणिक सत्रों से न तो नियमित कक्षाएं संचालित हो रही थीं और न ही कोई छात्र बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुआ था।

सचिव भगवती सिंह ने जारी किया आदेश
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि ये सभी स्ववित्तपोषित विद्यालय निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। ऐसे में नियमों के तहत इन संस्थानों की मान्यता स्वतः समाप्त मानी गई है।
इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई
परिषद ने बताया कि इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 के अंतर्गत बने विनियमों के अध्याय-7 के विनियम-11 (ढ़) के अनुसार यदि किसी हाईस्कूल या इंटरमीडिएट नवीन (वनटाइम) वर्ग वाले विद्यालय से लगातार दो वर्षों तक कोई छात्र परीक्षा में शामिल नहीं होता या वहां शैक्षणिक गतिविधियां संचालित नहीं होतीं, तो उसकी मान्यता स्वतः समाप्त हो जाती है।
कुछ श्रेणियों के विद्यालयों को मिली छूट
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह प्रावधान इंटरमीडिएट वनटाइम, अतिरिक्त वर्गों या मान्यता प्राप्त वर्गों के वैकल्पिक विषयों पर लागू नहीं होगा। इन श्रेणियों के विद्यालयों की मान्यता पर इस कार्रवाई का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
प्रयागराज में भी कई स्कूलों पर गिरी गाज
दिलचस्प बात यह है कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के मुख्यालय वाले प्रयागराज जिले में भी करीब दो दर्जन विद्यालय इस कार्रवाई की जद में आए हैं। इससे स्पष्ट है कि बोर्ड ने नियमों के पालन में किसी भी जिले को विशेष छूट नहीं दी और पूरे प्रदेश में समान रूप से कार्रवाई की गई।
















































