रायबरेली : रिश्तों में कड़वाहट और जमीन की भूख इंसान को किस हद तक गिरा सकती है, इसका एक सनसनीखेज मामला रायबरेली के गदागंज थाना क्षेत्र में सामने आया है. यहां कुछ शातिर जालसाजों ने पैतृक संपत्ति पर अवैध कब्जा करने के लिए सरकारी दस्तावेजों से ही खिलवाड़ कर डाला. आरोपियों ने किसी और की जमीन हथियाने के लिए आधार कार्ड में हेरफेर कर पिता का नाम ही बदल दिया. हालांकि, कानून के लंबे हाथों से वे बच नहीं सके. गदागंज पुलिस ने मामले का भंडाफोड़ करते हुए इस खेल के 4 मुख्य किरदारों को सलाखों के पीछे भेज दिया है.
गदागंज थाना प्रभारी दयानंद तिवारी ने बताया कि ग्राम देवगनपुर मजरे धूता के रहने वाले राम भूषण त्रिपाठी ने थाने में एक प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी. पीड़ित का आरोप था कि विपक्षीगणों ने सोची-समझी साजिश के तहत उनके आधार कार्ड और अन्य जरूरी सरकारी कागजातों में कूटरचना की. शातिरों ने दस्तावेजों में पिता का नाम परिवर्तित कर फर्जी कागजात तैयार किए और पीड़ित की पैतृक संपत्ति को अवैध रूप से अपने नाम करवाकर उस पर कब्जा कर लिया. पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल तत्परता दिखाते हुए मुकदमा कर मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी थी.
कप्तान के निर्देश पर बिछाया जाल, चारों दबोचे गए
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने अपराधियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के निर्देश जारी किए थे. एसपी के मार्गदर्शन में गदागंज थाना प्रभारी दयानंद तिवारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए सोमवार को क्षेत्र में दबिश दी. पुलिस ने पैतृक संपत्ति हथियाने के मामले में नामजद और वांछित चल रहे चारों शातिर अभियुक्तों जान्हवी शंकर व धीरेन्द्र त्रिपाठी निवासी देवगनपुर मजरे धूता गदागंज एवं नया पुरवा मजरे कुरौली बुधकर गदागंज निवासी राकेश कुमार एवं योगेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया. थाना प्रभारी दयानंद तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी अभियुक्तों के खिलाफ वैधानिक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है.















































