राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर शायराना अंदाज में अपनी बात रखते हुए लोगों से लोकतांत्रिक तरीके से भाजपा को सत्ता से बाहर करने की अपील की। सिब्बल ने आरोप लगाया कि सरकार ने भगवान राम की आस्था और देश, दोनों के साथ विश्वासघात किया है।
‘अच्छे दिन’ के नारे पर साधा निशाना
कपिल सिब्बल ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2014 के ‘अच्छे दिन’ के चुनावी नारे को भी निशाने पर लिया। उन्होंने दावा किया कि यह वादा जनता के साथ किया गया एक झूठा दावा साबित हुआ। अपने संदेश में उन्होंने लिखा, ‘इस सरकार को हटाओ, राम को लूटा, देश को लूटा, अच्छे दिन का नारा झूठा।’ इसके जरिए उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठाए।
देश में एकता बनाए रखने की अपील
सिब्बल ने अपने संदेश में सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश को विभाजनकारी राजनीति से दूर रखते हुए सभी नागरिकों को साथ लेकर चलने की जरूरत है। उन्होंने लिखा, “ऐसे शासन को तोड़ेंगे, मिलकर देश को जोड़ेंगे, ना दिलों का होगा बंटवारा, सबका देश है, देश हमारा।” उनका कहना था कि देशहित में ऐसी सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से पराजित किया जाना चाहिए।
राम मंदिर फंड विवाद के बीच बढ़ी सियासत
सिब्बल का यह बयान ऐसे समय आया है जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार और संबंधित पक्षों से जवाब मांग रहा है। हाल के दिनों में कई विपक्षी नेताओं ने इस मामले को लेकर सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
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विपक्ष की कार्रवाई की मांग
राम मंदिर फंड से जुड़े विवाद को लेकर विपक्षी दल जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि यदि किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ पारदर्शी जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।















































