फर्रुखाबाद : केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी एवं भूमि संसाधन एवं ग्रामीण विकास निदेशक सर्वदानंद बरनवाल ने मंगलवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वार्ड की व्यवस्थाओं, उपचार व्यवस्था, रसोई, अभिलेखों और बच्चों को दी जा रही सुविधाओं का गहन परीक्षण किया। जांच में कुछ कमियां सामने आने पर उन्होंने तत्काल सुधार के निर्देश दिए, वहीं केंद्र की वास्तविक जरूरतों का आकलन करने के लिए विस्तृत रिपोर्ट भी तलब कर ली।
निरीक्षण के दौरान सबसे अहम बात यह सामने आई कि एनआरसी वार्ड की स्वीकृत क्षमता 10 बेड की है, लेकिन वहां 14 गंभीर कुपोषित बच्चों का इलाज चल रहा था। इस स्थिति को देखते हुए केंद्रीय अधिकारी ने अस्पताल प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों को उपचार देना सराहनीय है और किसी जरूरतमंद बच्चे को वापस नहीं लौटाया जाना चाहिए।
सर्वदानंद बरनवाल ने वार्ड में भर्ती बच्चों के अभिभावकों से सीधे बातचीत कर इलाज, दवाओं, भोजन और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ उन्हें अपने हाथों से फल वितरित किए और बेहतर देखभाल जारी रखने के निर्देश दिए।
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निरीक्षण के दौरान उन्होंने एनआरसी प्रभारी डॉ. विवेक सक्सेना से उपचार की पूरी प्रक्रिया, बच्चों को दिए जा रहे पौष्टिक आहार तथा रिकवरी की स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इसके बाद अधिकारी ने वार्ड की रसोई का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई की व्यवस्था भी परखी।
उन्होंने स्टाफ की उपस्थिति, मरीजों के उपचार और अन्य अभिलेखों से जुड़े रजिस्टरों की भी गहन जांच की। रिकॉर्ड में कुछ कमियां मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की लापरवाही सामने न आए।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में सर्वदानंद बरनवाल ने कहा कि एनआरसी वार्ड में पहले की तुलना में व्यवस्थाओं में सुधार दिखाई दिया है और यहां का कार्य संतोषजनक है। हालांकि केंद्र को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उसकी आवश्यकताओं का विस्तृत आकलन कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, जिसके आधार पर शासन स्तर पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और अन्य निर्णय लेने की कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय अधिकारी के इस निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन भी अलर्ट मोड में दिखाई दिया। अब सभी की निगाहें उस विस्तृत रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर एनआरसी वार्ड की सुविधाओं के विस्तार और कमियों को दूर करने की दिशा में आगे की कार्रवाई तय होगी।













































