रायबरेली : उत्तर प्रदेश की प्रमुख कृषि मंडियों में बुधवार, 1 जुलाई 2026 को अनाज और सब्जियों के बाजार में संतुलित कारोबार देखने को मिला. किसानों के लिए राहत की बात यह रही कि गेहूं के दाम अधिकांश मंडियों में ₹5 प्रति क्विंटल तक मजबूत हुए, जबकि धान और मक्का के भाव लगभग स्थिर बने रहे. वहीं, आलू, प्याज और टमाटर जैसी सब्जियों के दाम स्थानीय मंडियों में आवक और मांग के अनुसार हल्के उतार-चढ़ाव के साथ लगभग स्थिर रहे.
कुछ मंडियों में ताजा फसल की आवक बढ़ने से कीमतों में मामूली नरमी देखने को मिली, जबकि अन्य स्थानों पर मांग अच्छी रहने से भाव में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं हुआ. किसानों का कहना है कि गेहूं के भाव में ₹5 प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी राहत देने वाली है, लेकिन उत्पादन लागत और परिवहन खर्च को देखते हुए उन्हें अभी भी बेहतर कीमतों की उम्मीद है. वहीं धान और मक्का के स्थिर भाव को किसान सामान्य बाजार स्थिति मान रहे हैं.
दूसरी ओर, मंडी कारोबारियों का कहना है कि इस समय बाजार पूरी तरह संतुलित बना हुआ है. अनाज की आवक सामान्य है और खरीदारी भी नियमित हो रही है, इसलिए कीमतों में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा जा रहा है. सब्जियों के बाजार में भी स्थानीय मांग और आवक के अनुसार मामूली बदलाव हो रहे हैं. कारोबारियों का मानना है कि यदि मानसून सामान्य रहता है और मंडियों में फसलों की आवक बढ़ती है, तो आने वाले दिनों में भाव में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. फिलहाल बाजार स्थिर है और किसानों को अपनी उपज की गुणवत्ता के अनुसार उचित मूल्य मिल रहा है.
कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे फसल बेचने से पहले अपनी नजदीकी मंडी के ताजा भाव की जानकारी अवश्य लें. गुणवत्ता, नमी और स्थानीय मांग के आधार पर अलग-अलग मंडियों में कीमतों में थोड़ा उतार-चढ़ाव हो सकता है.

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