बिजनौर। AIMIM चीफ और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसीने राम मंदिर दानपात्र चोरी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विवादास्पद बयान दिया है। ओवैसी ने यूपी के बिजनौर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर राम जन्मभूमि ट्रस्ट में कोई मुस्लिम सदस्य होता तो उसका एनकाउंटर कर दिया जाता।
ओवैसी का पूरा बयान
ओवैसी ने मंच से कहा, “उसके लिए मैंने आवाज उठाई… उसको गोली मारी, फिर गाड़ी और फिर गोली मारी…” उन्होंने भरत तिवारी एनकाउंटर का जिक्र करते हुए यह बयान दिया।
ओवैसी ने आगे कहा कि यदि राम मंदिर ट्रस्ट में कोई मुस्लिम सदस्य होता तो पुलिस या प्रशासन उसका एनकाउंटर कर देता। उनका यह बयान राम मंदिर दानपात्र चोरी मामले के संदर्भ में आया है।
बयान पर सियासी हलचल
असदुद्दीन ओवैसी का यह बयान काफी विवादित माना जा रहा है। विपक्षी दलों और भाजपा नेताओं ने इसे राम मंदिर और हिंदू आस्था पर हमला बताया है। वहीं, ओवैसी के समर्थक इसे अल्पसंख्यक हितों की रक्षा के लिए उठाया गया मुद्दा बता रहे हैं।
राम मंदिर दान चोरी का संदर्भ
हाल ही में अयोध्या राम मंदिर के दानपात्र चोरी की घटना सामने आई थी, जिस पर पूरे देश में चर्चा हो रही है। ओवैसी ने इसी मुद्दे पर बोलते हुए ट्रस्ट के प्रबंधन और सुरक्षा पर सवाल उठाए।
असदुद्दीन ओवैसी का यह बयान राजनीतिक गलियारों में गरमा गया है। भाजपा और हिंदुत्ववादी संगठनों ने ओवैसी के बयान की निंदा की है, जबकि कुछ विपक्षी दलों ने इसे “बोलने की आजादी” से जोड़कर देखा है।
अभी तक यूपी सरकार या राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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