लखनऊ/अयोध्या : गौ रक्षार्थ ‘धर्म युद्ध यात्रा’ पर निकले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या के श्री राम मंदिर प्रबंधन को लेकर बड़ी मांग की है। उन्होंने कहा कि मंदिर का प्रबंधन अब कर्मचारियों को सौंप दिया जाना चाहिए और आरएसएस के लोगों को हटा दिया जाए।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान
स्वामी जी ने कहा, “श्री राम मंदिर में जो होना था, वह हो चुका है। अब वहां आरएसएस के लोग क्यों बैठे हैं?” उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस के लोग श्री राम को भगवान नहीं मानते। उनकी पुस्तकों में भगवान राम को केवल एक महान मानव बताया गया है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मांग की कि मंदिर की व्यवस्था कर्मचारियों के हवाले कर दी जाए।
चढ़ावा चोरी पर टिप्पणी
चढ़ावा चोरी मामले पर स्वामी जी ने कहा कि इस मामले में जांच या सजा की बात ही नहीं उठती। मंदिर का संचालन धार्मिक परंपराओं के अनुरूप होना चाहिए।
गौ रक्षा पर जोर
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गौ रक्षार्थ ‘धर्म युद्ध यात्रा’ पर हैं। उन्होंने गाय को **राष्ट्रमाता** घोषित करने और इसके लिए प्रभावी कानून बनाने की मांग की।
यात्रा 3 मई को गोरखपुर से शुरू हुई थी और 24 जुलाई को लखनऊ के आशियाना स्मृति उपवन मैदान में समाप्त होगी। समापन समारोह में पूरे देश से संतों का जमावड़ा लगेगा।
लखनऊ पहुंचकर स्वागत
बुधवार को लखनऊ पहुंचे स्वामी जी का समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह स्वागत किया। लालबाग, फैजुल्लागंज, पीरनगर स्थित बूढ़े बाबा हनुमान मंदिर और राजाजीपुरम में भव्य स्वागत हुआ।
स्वामी जी ने कहा कि गायों की भूख-प्यास से मौत हो रही है, लेकिन सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। उन्होंने सरकार से गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग की और कहा कि केवल आश्वासनों पर भरोसा नहीं किया जाएगा।










































