UP: चंदौली दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल के कथित बयान पर सियासी विवाद गहरा गया है। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने इस मामले में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को पत्र भेजकर वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराने और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पत्र में लगाए गए गंभीर आरोप
राज्यपाल को भेजे गए पत्र में अमिताभ ठाकुर ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल कथित रूप से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बारे में आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो में एक विशेष समुदाय की धार्मिक पहचान और पहनावे को लेकर भी कथित टिप्पणी की गई है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
लोकतांत्रिक मर्यादा का हवाला
अमिताभ ठाकुर ने अपने पत्र में कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद और आलोचना स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक मंच से अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल या किसी वर्ग विशेष को लेकर टिप्पणी करना गंभीर विषय है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में सार्वजनिक पद की गरिमा और संवैधानिक मूल्यों का संरक्षण सर्वोपरि होना चाहिए।
निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग
पत्र के माध्यम से राज्यपाल से आग्रह किया गया है कि वायरल वीडियो की प्रामाणिकता, उसका पूरा एवं बिना संपादित संस्करण, बयान का वास्तविक संदर्भ और उससे जुड़े सभी कानूनी व संवैधानिक पहलुओं की सक्षम स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही जांच रिपोर्ट के आधार पर कानून के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
मंत्री की प्रतिक्रिया का इंतजार
अमिताभ ठाकुर ने स्पष्ट किया कि उनकी शिकायत सोशल मीडिया पर उपलब्ध वायरल वीडियो के आधार पर दर्ज कराई गई है और उन्हें मामले की निष्पक्ष जांच की उम्मीद है। फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल की ओर से इस पूरे प्रकरण पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।















































