रायबरेली: अगर आप भी एटीएम बूथ पर किसी अंजान शख्स से मदद लेते हैं, तो सावधान हो जाइए! रायबरेली पुलिस ने एक ऐसे ही शातिर ‘मददगार’ गैंग का भंडाफोड़ किया है, जो एटीएम बूथों पर घात लगाकर बैठता था और मदद के बहाने पलक झपकते ही कार्ड पार कर देता था. कोतवाली नगर पुलिस और एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर डबल फाटक के पास से दो अंतर्जनपदीय शातिर ठगों को दबोचा है.
इनके पास से पुलिस ने जो बरामद किया, उसे देखकर खुद खाकी के भी होश उड़ गए. शातिरों के पास से अलग-अलग बैंकों के कुल 107 अदद एटीएम कार्ड, ₹5000 नगद और बिना नंबर प्लेट की एक पल्सर मोटरसाइकिल बरामद हुई है. मामले की जानकारी देते हुए सीओ सिटी आशीष निगम ने बताया कि बीते 2 जुलाई को गल्ला मंडी रतापुर रोड स्थित एसबीआई एटीएम में ग्राम कल्लू का पुरवा निवासी राकेश कुमार गुप्ता के साथ धोखाधड़ी हुई थी. एक अज्ञात युवक ने मदद का झांसा देकर उनका एटीएम कार्ड बदल लिया और उनका पिन नंबर देख लिया.
इसके बाद शातिरों ने उनके खाते से चार बार में ₹20,000 उड़ा दिए. पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी. शनिवार शहर कोतवाली पुलिस और एसओजी सर्विलांस की संयुक्त टीम ने इन दोनों बदमाशों को धर दबोचा. पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान सूरज सिंह निवासी पूराचांद, उन्नाव और सौरभ सिंह निवासी पैतापुर, हरदोई के रूप में हुई है.
पूछताछ में उगला राज: “हम पिन याद कर लेते थे और…”
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए. उन्होंने बताया कि वे ऐसे एटीएम बूथों को चुनते थे, जहाँ भीड़ कम हो या कोई बुजुर्ग/अनपढ़ व्यक्ति पैसे निकालने आया हो. मदद करने के बहाने वे चुपके से उसका पिन नंबर देख लेते थे और हाथ की सफाई दिखाते हुए असली कार्ड की जगह अपने पास मौजूद दूसरा फर्जी कार्ड थमा देते थे. इसके बाद वे उस एटीएम से धड़ाधड़ पैसे निकाल लेते या शॉपिंग कर डालते थे.
अपराध की दुनिया का ‘बेताज बादशाह’ है सूरज
सीओ सिटी आशीष निगम ने बताया कि पकड़ा गया मुख्य आरोपी सूरज सिंह मामूली चोर नहीं, बल्कि पेशेवर हिस्ट्रीशीटर और शातिर अपराधी है. अकेले सूरज सिंह के खिलाफ रायबरेली, लखनऊ, कानपुर, सीतापुर और उन्नाव जैसे कई जिलों में गैंगस्टर एक्ट, जानलेवा हमला, धोखाधड़ी जैसी गंभीर धाराओं में 13 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं.
गिरफ्तार करने में इनकी रही अहम भूमिका
इस बड़ी कामयाबी को हासिल करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक शिव शंकर सिंह, उ.नि. शशिकांत राय, कांस्टेबल हिमांशु सिंह, कौशल किशोर, तरुण सिंह, अमन सिंह और एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम शामिल रही. पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है.
















































