UP: काशी में विकसित होंगे विशिष्ट वन,15 अगस्त को स्थापित होगी ‘वंदे मातरम् वाटिका’

UP: योगी सरकार के पौधरोपण अभियान-2026 के तहत काशी में पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को जोड़ते हुए विभिन्न विशिष्ट वन विकसित किए जा रहे हैं। जनभागीदारी से चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छ पर्यावरण, स्वास्थ्य, सामाजिक समरसता और प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

प्रभागीय वन अधिकारी निधि चौहान ने बताया कि 15 अगस्त को शिवपुर स्थित सेंट्रल जेल की भूमि पर 150 पौधे लगाकर वंदे मातरम वाटिका स्थापित की जाएगी। इसमें नीम, शीशम, बकैन, आम, अमरूद, अर्जुन, सिरस, जंगल जलेबी, सागौन सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। यह आयोजन वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में होगा।

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अभियान के तहत 28 अगस्त को सेवा भारतीय विद्यालय में रक्षाबंधन वाटिका स्थापित की जाएगी, जिसमें 2500 पौधे लगाए जाएंगे। वहीं 5 सितंबर को ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ अभियान के तहत भी 2500 पौधों का रोपण किया जाएगा। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षकों के प्रति सम्मान को बढ़ावा देना है।

काशी में महर्षि चरक औषधि वन, समरस वन, समृद्धि वन, कपि वन और ऊर्जा वन भी विकसित किए जा चुके हैं। बाराडीह में औषधीय प्रजातियों के 1600 पौधे लगाए गए हैं। अजईपुर में समरस वन और सिरहिरा में 2500 पौधों से समृद्धि वन तैयार किया गया है।

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मानव-वानर संघर्ष कम करने के लिए डोमरी डीह बाबा तालाब, करसड़ा में 2500 फलदार पौधों से कपि वन विकसित किया गया है। वहीं थाने ग्राम समाज में 2500 पौधों से ऊर्जा वन तैयार किया गया है।निधि चौहान ने कहा कि विशिष्ट वनों के जरिए पर्यावरण संरक्षण के साथ जनभागीदारी, सामाजिक समरसता, स्वास्थ्य और प्रकृति के प्रति जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा।

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