UP: घटते जलस्तर के बीच धड़ल्ले से चल रहे कथित अवैध धुलाई सेंटर, लाखों लीटर पानी की बर्बादी

UP: जसवंतनगर  क्षेत्र में लगातार घटते जलस्तर और पानी के संकट के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर मौरंग-गिट्टी धुलाई सेंटरों के कथित अवैध संचालन का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजमार्ग किनारे करीब पांच स्थानों पर धुलाई सेंटर संचालित किए जा रहे हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में पानी खर्च कर मौरंग और गिट्टी को धोया जाता है।

लोगों का कहना है कि एक ओर भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर धुलाई के नाम पर रोजाना लाखों लीटर पानी बर्बाद किया जा रहा है। इससे आने वाले समय में जल संकट और गहराने की आशंका बनी हुई है।

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धुलाई के बाद निकलने वाला पानी और कीचड़ सड़क पर फैल रहा है। डंपरों के पहियों के साथ कीचड़ और पानी राजमार्ग तक पहुंचने से सड़क पर फिसलन पैदा हो रही है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के बीच दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार सड़क पर पानी जमा होने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि लंबे समय से कथित रूप से संचालित इन धुलाई सेंटरों पर जिम्मेदार विभागों की नजर क्यों नहीं पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सेंटरों की जांच कराने, पानी की बर्बादी रोकने और सड़क पर कीचड़-पानी फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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