सिर पर हैट, चेहरे पर गंभीर भाव और आंखों में अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती देने का जज्बा शहीद भगत सिंह की यह तस्वीर आज उनकी सबसे चर्चित तस्वीरों में शुमार है। इस ऐतिहासिक तस्वीर से जुड़ी कई अहम जानकारियां उनके भतीजे किरणजीत सिंह संधू ने साझा की हैं। सहारनपुर के जेवी जैन डिग्री कॉलेज के पास स्थित आवास में किरणजीत सिंह संधू रहते हैं, जो भगत सिंह के छोटे भाई कुलतार सिंह के बेटे हैं।
कश्मीरी गेट में खींची गई थी फोटो
किरणजीत सिंह संधू के मुताबिक, भगत सिंह की हैट वाली तस्वीर दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके के पास एक फोटोग्राफर ने खींची थी। बताया जाता है कि यह फोटो अप्रैल 1929 की शुरुआत में, करीब 3 या 4 अप्रैल को ली गई थी। उस समय भगत सिंह की उम्र लगभग 21 वर्ष थी। तस्वीर में उनका आत्मविश्वास और व्यक्तित्व साफ नजर आता है।
कुछ दिन बाद देशभर में गूंजा नाम
इस तस्वीर के खिंचने के कुछ ही दिन बाद भगत सिंह का नाम पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। 8 अप्रैल 1929 को भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने दिल्ली की सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली में बम फेंका। इसके बाद दोनों ने भागने के बजाय गिरफ्तारी दी। मुकदमे के दौरान भगत सिंह की तस्वीरें देशभर में पहुंचीं और कश्मीरी गेट में खींची गई हैट वाली फोटो उनकी पहचान बनती चली गई।
युवा क्रांतिकारी से बने क्रांति के प्रतीक
किरणजीत सिंह संधू के अनुसार, परिवार के लिए यह तस्वीर सिर्फ एक फोटो नहीं, बल्कि भगत सिंह के जीवन के महत्वपूर्ण दौर की झलक है। तस्वीर में वह एक युवा क्रांतिकारी के रूप में नजर आते हैं, जिनके भीतर अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष और अपने विचारों के प्रति दृढ़ता दिखाई देती है। कैमरे की ओर सीधी नजर और चेहरे का आत्मविश्वास बाद में युवाओं के लिए क्रांतिकारी सोच का प्रतीक बन गया।
23 साल की उम्र में दी शहादत
भगत सिंह को राजगुरु और सुखदेव के साथ 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में फांसी दी गई। उस समय उनकी उम्र महज 23 वर्ष थी। बेहद कम उम्र में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले भगत सिंह की शहादत के बाद भी उनकी तस्वीर लोगों की स्मृतियों में जीवित रही। खासकर हैट वाली तस्वीर आज भी उनके साहस, आत्मविश्वास और क्रांतिकारी व्यक्तित्व की पहचान मानी जाती है।



















































