UP: लखनऊ में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने तिरंगा फहराने के बाद पत्रकारों से बातचीत की और केंद्र व प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सरकार की ओर से प्रति व्यक्ति आय बढ़ने और विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विज्ञापनों में तरक्की की तस्वीर दिखाई जा रही है, जबकि जमीन पर हालात अलग हैं। उन्होंने किसानों की स्थिति को लेकर चिंता जताई और कहा कि अच्छी पैदावार के बावजूद किसान अनेक समस्याओं से जूझ रहे हैं। अखिलेश ने यह भी कहा कि एक ओर प्रति व्यक्ति आय बढ़ने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर बड़ी आबादी को राशन उपलब्ध कराना पड़ रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर हमला
अखिलेश यादव ने प्रदेश की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति लगातार खराब हो रही है और कई स्कूल बंद किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि विकसित देश शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन प्रदेश में दोनों क्षेत्रों की व्यवस्था बदहाल है। उन्होंने चिकित्सा विभाग पर तंज कसते हुए कहा कि जिस विभाग का काम लोगों का इलाज करना है, आज उसी व्यवस्था को इलाज की जरूरत पड़ रही है। अखिलेश ने संविधान को मजबूत करने का संकल्प दोहराते हुए महात्मा गांधी, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों को भी नमन किया।
विभाजन विभीषिका और नदियों की सफाई पर तंज
भाजपा के विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम को लेकर भी सपा प्रमुख ने कटाक्ष किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आजादी के इतिहास को अपने तरीके से पेश कर रही है और कहा कि ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है। अखिलेश ने तिरंगे को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि देशभक्ति केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वहीं, गंगा और गोमती की सफाई के दावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार लंबे समय से नदियों को साफ करने की बात कर रही है, लेकिन जमीनी स्थिति में अपेक्षित बदलाव नजर नहीं आता।
एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और अयोध्या के चढ़ावे का मुद्दा
अखिलेश यादव ने प्रदेश के एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट की व्यवस्थाओं को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने बारिश के दौरान एयरपोर्ट और गोरखपुर में जलभराव का जिक्र करते हुए निर्माण और डिजाइन व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने अयोध्या में भगवान के चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा भी फिर उठाया और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। अखिलेश ने कहा कि जब दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आगे बढ़ रही थी, तब सरकार को इस दिशा में काम करना चाहिए था। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भी नसीहत दी कि ऐसा कोई बयान न दें जिससे भाजपा को राजनीतिक फायदा मिले।
Also Read: UP: अखिलेश-शिवपाल तक पहुंचा सीतापुर सपा का विवाद, पूर्व विधायक ने की बड़ी मांग
पीएम के लालकिले के भाषण पर भी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से दिए गए भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यह समय सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश करने का है। उन्होंने प्रदेश में पेपर लीक की घटनाओं, वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के वादे और महिला आरक्षण कानून के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके अलावा अखिलेश ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ हुए व्यवहार की निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया।
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)



















































