Varanasi: वाराणसी पुलिस की साइबर क्राइम थाना और चेतगंज थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए देशभर में फैले साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
जानिए पूरा मामला क्या है?
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी लोगों को कमीशन और पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। बाद में उन्हीं खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन बेटिंग, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों में किया जाता था। एनसीआरपी पोर्टल पर इन आरोपियों द्वारा संचालित 41 बैंक खातों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से 143 शिकायतें दर्ज हैं।
ALSO READ: Azamgarh: नाबालिग बहनों को बहला-फुसलाकर भगाने और दुष्कर्म के आरोप में युवक गिरफ्तार
ऐसे चलता था ठगी का पूरा खेल
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले बेरोजगार या आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को फर्जी फर्म के नाम पर खाता खुलवाने के लिए तैयार करते थे। इसके बाद करंट और सेविंग अकाउंट खुलवाकर खाताधारकों से पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी और मोबाइल नंबर अपने कब्जे में ले लेते थे। गिरोह इसके बाद पीड़ित के मोबाइल में XePay नाम की एक एपीके फाइल इंस्टॉल कराता था। पुलिस के मुताबिक, यह ऐप सिम फॉरवर्डिंग सक्रिय कर देता था, जिससे बैंक का ओटीपी सीधे आरोपियों के मोबाइल पर पहुंच जाता था। इसी तकनीक का इस्तेमाल कर आरोपी दूर बैठे-बैठे खातों से लेनदेन करते और ठगी की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लगातार रोटेट करते थे, जिससे धन का मूल स्रोत छिपा रहता था।
सरगना समेत चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने वाराणसी निवासी नीतीश कुमार पांडे को गिरोह का सरगना बताया है। उसके अलावा दुष्यंत सिंह, हिमांशु झा और मोहम्मद रेहान को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं, प्रतीक तिवारी और रोमिल वर्मा अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)


















































