UP: साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए शनिवार को साइबर सेल बाराबंकी की टीम ने जिले में संचालित जनसेवा केंद्रों की सघन चेकिंग की। इस दौरान केंद्र संचालकों को साइबर अपराध से बचाव और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन को लेकर विशेष रूप से जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में अपने व्यक्तिगत बैंक खाते में अज्ञात व्यक्तियों से धनराशि मंगाकर उसके बदले नकद भुगतान न करें।
साइबर सेल ने बताया कि जनसेवा केंद्र संचालक आधार आधारित भुगतान प्रणाली (AEPS) के माध्यम से ग्राहकों के बैंक खातों से अधिकृत तरीके से धनराशि निकालकर उपलब्ध करा सकते हैं। व्यक्तिगत बैंक खाते में धनराशि प्राप्त कर उसके बदले किसी अज्ञात व्यक्ति को नकद भुगतान करना नियमों के विरुद्ध है और इससे साइबर ठगी तथा संदिग्ध वित्तीय लेन-देन में खाते के दुरुपयोग का खतरा बढ़ सकता है।
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चेकिंग के दौरान संचालकों को निर्देशित किया गया कि AEPS के माध्यम से होने वाली प्रत्येक निकासी का पूरा विवरण अनिवार्य रूप से रजिस्टर में दर्ज करें। इसमें निकासी की तारीख, समय, ग्राहक का विवरण, निकाली गई धनराशि और संबंधित लेन-देन की जानकारी शामिल होनी चाहिए। पुलिस ने संचालकों को अपने खातों और केंद्र के माध्यम से होने वाले लेन-देन पर लगातार नजर रखने की सलाह दी।
साइबर सेल टीम ने कहा कि यदि किसी ग्राहक या अज्ञात व्यक्ति द्वारा संदिग्ध लेन-देन, असामान्य धनराशि अथवा खाते के दुरुपयोग से संबंधित कोई गतिविधि सामने आती है तो इसकी सूचना तत्काल साइबर सेल अथवा नजदीकी थाने को दी जाए। पुलिस ने संचालकों से साइबर अपराध की रोकथाम में सहयोग करने की अपील की।
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चेकिंग अभियान में प्रभारी साइबर सेल निरीक्षक बृजेश यादव, उप निरीक्षक इफलाक अहमद खान, आरक्षी राजन यादव और आरक्षी अभिषेक चपराना शामिल रहे।चेकिंग अभियान में प्रभारी साइबर सेल निरीक्षक बृजेश यादव, उप निरीक्षक इफलाक अहमद खान, आरक्षी राजन यादव और आरक्षी अभिषेक चपराना शामिल रहे।
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