UP: जमुनाबाग की 1.95 करोड़ की सड़क का हिसाब देने में PWD फेल, दस्तावेज नहीं मिले तो सूचना आयोग पहुंचा मामला

सैफई: जमुनाबाग से फतेहपुर गीजा होते हुए इटावा-मैनपुरी मार्ग पर करीब 1.95 करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे सड़क मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्य को लेकर लोक निर्माण विभाग सवालों के घेरे में है। सड़क से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे जाने के बावजूद कई अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध नहीं कराए जाने पर मामला अब उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग तक पहुंच गया है।

आरटीआई के तहत 28 अप्रैल को PWD के प्रांतीय खंड, इटावा से 16 बिंदुओं पर सूचना मांगी गई थी। इनमें टेंडर, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति, विस्तृत प्राक्कलन, सड़क की लंबाई-चौड़ाई, टेंडर में शामिल फर्मों का विवरण, टेंडर खोलने की कार्यवाही, चयनित फर्म, अनुबंध, कार्यादेश, माप पुस्तिका, भुगतान, गुणवत्ता जांच रिपोर्ट और पूर्णता प्रमाण पत्र समेत कई दस्तावेज शामिल थे।

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विभाग ने 3 जून को जवाब में बताया कि 195 लाख रुपये की लागत से ई-निविदा जारी की गई थी और सड़क की लंबाई 3.60 किलोमीटर है। जवाब से असंतुष्ट होकर 22 जून को प्रथम अपील की गई। 21 जुलाई को विभाग ने दोबारा जवाब देते हुए बताया कि संबंधित कार्य का अनुबंध जय बिल्डर्स के नाम किया गया है और कार्य 13 जुलाई से शुरू होकर 12 दिसंबर तक पूरा किया जाना है।

हालांकि, दूसरी बार जवाब मिलने के बाद भी कई महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके बाद द्वितीय अपील दाखिल कर सूचना आयोग से सभी मांगे गए अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने के निर्देश देने की मांग की गई है।अब जमुनाबाग की इस करोड़ों की सड़क परियोजना से जुड़े दस्तावेज सूचना आयोग के हस्तक्षेप के बाद सामने आते हैं या नहीं, इस पर नजरें टिकी हैं।

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