गोण्डा: कोतवाली नगर पुलिस ने कूटरचित दानपत्र तैयार कर भूमि के संबंध में धोखाधड़ी करने और उसके आधार पर ऋण प्राप्त करने के मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त सतई पुत्र किन्ने निवासी महारानीगंज, थाना कोतवाली नगर को 19 सितंबर 2026 को उसके घर के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, महाराजगंज निवासी राम प्रकाश गुप्ता ने तहरीर देकर बताया था कि उन्होंने ग्राम गिर्द गोण्डा ग्रामीण स्थित गाटा संख्या 130 की 0.0850 हेक्टेयर भूमि को 7 जुलाई 2004 को पंजीकृत बैनामे के माध्यम से खरीदा था। बैनामे के बाद उनका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो गया था और वह लगातार भूमि पर अपने कब्जे एवं अधिकार में चले आ रहे थे।
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आरोप है कि अभियुक्त सतई और उसकी पत्नी किरन ने उक्त भूमि के संबंध में कूटरचित दानपत्र तैयार कराया और उसे 8 मई 2025 को पंजीकृत कराया। इसके बाद इसी दानपत्र के आधार पर उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, शाखा गोण्डा में ऋण के लिए आवेदन किया गया और करीब 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया गया।मामला सामने आने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर दस्तावेजों और पूरे प्रकरण की जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अभियुक्त सतई को मामले में वांछित किया गया था। पुलिस टीम ने उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी रखे और 19 सितंबर को उसके घर के पास से उसे पकड़ लिया। पुलिस ने बताया कि प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
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साथ ही मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में भी आवश्यक जांच की जा रही है।पुलिस ने मामले में मु0अ0सं0 910/2025 के तहत धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3) और 340(2) बीएनएस में अभियोग दर्ज किया है। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में निरीक्षक अरविन्द कुमार यादव, कांस्टेबल विवेक रावत और कांस्टेबल उत्तम दीक्षित शामिल रहे।

















































