Mathura: यमुना से खुलेआम हो रहा अवैध खनन, बिरला मंदिर चौकी से चंद कदमों पर गुजर रहीं बालू से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां

Mathura: थाना गोविंद नगर क्षेत्र में यमुना नदी से अवैध खनन का खेल खुलेआम चल रहा है। बिना किसी परमिशन के यमुना सेंट (बालू) का अवैध खनन कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दिनदहाड़े शहर की सड़कों से गुजर रही हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।

जानिए क्या है पूरा मामला?

मामला थाना गोविंद नगर क्षेत्र के बिरला मंदिर चौकी अंतर्गत जय सिंह पुरा इलाके का है। बताया जा रहा है कि यहां यमुना किनारे से रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अवैध रूप से बालू खनन कर ले जाई जा रही हैं। सुबह से लेकर देर रात तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का आना-जाना लगा रहता है। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह सब बिरला मंदिर पुलिस चौकी से महज चंद कदमों की दूरी पर हो रहा है, जहां से बालू से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां फर्राटा भरते हुए निकलती हैं। स्थानीय लोगों ने इस अवैध खनन की सूचना यूपी 112 और बिरला मंदिर चौकी पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हिना मीना स्कूल के पास बालू से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा भी था। लेकिन सूत्रों की मानें तो कुछ देर बाद ही पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को छोड़ दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में रोष है और पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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नियमों के अनुसार यमुना से किसी भी प्रकार का खनन बिना पर्यावरण विभाग और जिला प्रशासन की अनुमति के नहीं किया जा सकता। यमुना सेंट का खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है, बावजूद इसके खनन माफिया बेखौफ होकर नदी का सीना छलनी कर रहे हैं। अवैध खनन से जहां सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं यमुना के प्राकृतिक स्वरूप को भी खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन माफियाओं को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। यही वजह है कि शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। लोगों ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से इस मामले की जांच कराकर खनन माफियाओं और लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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