UP: गोंडा परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सडिया गांव में 9 सितंबर को बर्तन व्यापारी और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) नेता विनोद साहनी की हत्या के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं के उनके परिजनों से मिलने पर पुलिस की रोक जारी है। इसी बीच सोमवार देर शाम दिल्ली से पहुंचा कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग से बचते हुए जंगल के रास्ते विनोद साहनी के दूसरे अस्थायी आवास तक पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने उनकी पत्नी उषा और बेटे राजा साहनी से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली।
गोंडा में विनोद साहनी जी के परिजनों से OBC, AICC प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। OBC कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिशनमैन डॉ. अनिल जयहिंद जी के मार्गदर्शन में परिवार को न्याय की लड़ाई में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।@DrJaihind pic.twitter.com/7usymptKYH
— OBC Congress (@INCOBCDept) September 21, 2026
गोंडा-बाराबंकी बॉर्डर से गांव तक पुलिस की तैनाती
बताया गया कि 12 सितंबर से पुलिस ने मृतक के परिजनों से राजनीतिक दलों के नेताओं की मुलाकात पर रोक लगा रखी है। गोंडा-बाराबंकी सीमा से लेकर विनोद साहनी के घर तक कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं ने वैकल्पिक रास्ता अपनाते हुए जंगल के रास्ते परिवार से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल करीब शाम 6:30 बजे अस्थायी आवास पर पहुंचा।
कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी रहे शामिल
प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस ओबीसी मोर्चा महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय सहसंयोजक चित्रा बाथम, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी ओमप्रकाश महतो, राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर एवं मध्य प्रदेश प्रभारी रमेश मौर्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कांग्रेस ऑब्जर्वर राधेश्याम जयसवाल शामिल रहे। कांग्रेस प्रदेश सचिव त्रिलोकी नाथ तिवारी भी प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद रहे। नेताओं ने परिवार से घटना और मौजूदा परिस्थितियों की जानकारी ली।
परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने विनोद साहनी की पत्नी और उनके बच्चों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने तथा उनकी आवाज उठाने का आश्वासन दिया। करीब एक घंटे तक चली मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल शाम करीब 7:30 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गया। चित्रा बाथम ने आरोप लगाया कि विनोद साहनी की हत्या जातिवाद के कारण हुई और परिवार को अब तक न तो मुआवजा मिला है और न ही न्याय। उन्होंने दावा किया कि परिवार भय के माहौल में रह रहा है और पलायन की स्थिति बन सकती है।
कांग्रेस ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
चित्रा बाथम ने कहा कि परिवार से मिलने के दौरान पुलिसकर्मी भी वहां पहुंच गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में जातिवाद चरम पर है और इसी वजह से राजनीतिक दलों के नेताओं को पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जा रहा है। वहीं कांग्रेस प्रदेश सचिव त्रिलोकी नाथ तिवारी ने कहा कि उनके प्रदेश अध्यक्ष को पहले बाराबंकी में रोक दिया गया था, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने दूसरे रास्ते से परिवार तक पहुंचने का फैसला किया।
















































