गोवा नाइटक्लब कांड: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (23 जनवरी 2026) को गोवा नाइटक्लब आग मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत बड़ी कार्रवाई की। ED ने लूथरा ब्रदर्स (सौरभ और गौरव लूथरा) और उनके सहयोगियों के गोवा, दिल्ली और हरियाणा में स्थित कम से कम 8-9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इनमें क्लब के मालिकों के आवासीय और कार्यालय परिसर शामिल हैं, जैसे दिल्ली के किंग्सवे कैंप, हरियाणा के गुरुग्राम में तत्वम विलास और गोवा के अरपोरा इलाके के ठिकाने। ED ने ब्रिटिश नागरिक सुरिंदर कुमार खोसला के ठिकानों पर भी सर्च किया, जो क्लब के सह-मालिक माने जाते हैं। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दर्ज मामले में की गई है।
आग की घटना की पृष्ठभूमि
यह छापेमारी गोवा के अरपोरा गांव में स्थित ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में 6 दिसंबर 2025 को लगी भीषण आग से जुड़ी है। उस रात क्लब में डांस पार्टी चल रही थी, जब इलेक्ट्रिक फायरक्रैकर्स से छत में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि 25 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर क्लब के किचन स्टाफ, युवा माइग्रेंट वर्कर और कुछ पर्यटक थे। 50 से अधिक लोग घायल हुए। आग लगने के कुछ घंटों बाद लूथरा ब्रदर्स थाईलैंड भाग गए थे, लेकिन बाद में उन्हें डिपोर्ट कर भारत लाया गया और वे फिलहाल गोवा पुलिस की हिरासत में हैं। गोवा सरकार ने घटना के बाद जांच कमिटी बनाई और कई अधिकारियों को निलंबित किया।
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मनी लॉन्ड्रिंग जांच के मुख्य बिंदु
ED की जांच क्लब के अवैध संचालन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग एंगल पर केंद्रित है। मुख्य आरोप:
- क्लब को चलाने के लिए फर्जी दस्तावेजों और फोर्जरी से ट्रेड लाइसेंस और नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) हासिल करना।
- क्लब ‘खाजन’ भूमि (नमक के खेत/वेटलैंड) पर अवैध रूप से बनाया गया था, जिसे कमर्शियल यूज के लिए गलत तरीके से कन्वर्ट किया गया।
- बैंक खातों में फंड्स के संदिग्ध लेन-देन और विदेश में रेमिटेंस।
- ED ने बैंक फ्लो, दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों को जब्त किया है। गोवा पुलिस की दूसरी FIR (फोर्जरी और अवैध लाइसेंस से जुड़ी) के आधार पर PMLA केस दर्ज हुआ। जांच में क्लब के अन्य सहयोगी जैसे पूर्व सरपंच रोशन रेडकर और पंचायत सेक्रेटरी रघुवीर बागकर के ठिकानों पर भी सर्च हुई।
प्रभाव और आगे की जांच
यह कार्रवाई गोवा पुलिस की जांच को आगे बढ़ाती है, जहां क्लब मालिकों पर लापरवाही, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और फर्जी लाइसेंस के आरोप हैं। ED का फोकस अब अवैध कमाई को ट्रेस करने और संपत्ति जब्त करने पर है। लूथरा ब्रदर्स के खिलाफ पहले से गोवा पुलिस में केस चल रहे हैं। जांच में यदि बड़े नेटवर्क या विदेशी कनेक्शन मिलते हैं तो मामला और विस्तार ले सकता है। गोवा में नाइटक्लबों की सुरक्षा और लाइसेंसिंग पर सवाल फिर से उठ गए हैं।














































