लोकसभा सोमवार तक स्थगित, नारेबाजी और हंगामे के बीच लोकसभा में आज फिर जोरदार हंगामा हुआ। राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बाधित हो गई। स्पीकर ओम बिरला ने कई बार सदन को शांत करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति न सुधरने पर लोकसभा को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस बीच केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और कहा कि “राहुल गांधी अगर प्रधानमंत्री की पाठशाला में जाएं तो शायद कामयाब हो जाएं।” यह बयान उस विवाद के बाद आया है जिसमें राहुल गांधी ने बिट्टू को ‘गद्दार’ कहा था। दोनों तरफ से तीखी बयानबाजी ने सदन के माहौल को और गरमा दिया है।
आज लोकसभा की कार्यवाही महंगाई, बेरोजगारी और किसान मुद्दों पर चर्चा के लिए शुरू हुई, लेकिन शुरू होते ही कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सदस्य सरकार पर हमलावर थे और लगातार नारे लगा रहे थे। स्पीकर ओम बिरला ने बार-बार सदन को व्यवस्थित करने की कोशिश की, लेकिन हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा था।
करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद स्पीकर ने सदन को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया। इससे सदन का आज का पूरा समय बर्बाद हो गया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर सदन नहीं चलने दे रहा।
इस बीच केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाठशाला में जाना चाहिए। वहां जाकर सीखें तो शायद कामयाब हो जाएं।” बिट्टू ने आगे कहा कि राहुल गांधी को राजनीति समझने की जरूरत है और वे सिर्फ नारेबाजी और आरोप लगाने में माहिर हैं।
यह बयान इसलिए और तीखा हो गया क्योंकि कुछ दिन पहले राहुल गांधी ने संसद में बिट्टू को ‘गद्दार’ कहा था। राहुल ने आरोप लगाया था कि बिट्टू जैसे नेता पंजाब के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं। बिट्टू ने उस बयान को व्यक्तिगत हमला बताते हुए कहा कि राहुल गांधी को अपनी भाषा पर काबू रखना चाहिए और देश के मुद्दों पर बात करनी चाहिए।
दोनों तरफ से जारी यह बयानबाजी लोकसभा के मौजूदा सत्र में बढ़ते तनाव को दर्शाती है। स्पीकर पहले ही कह चुके हैं कि सदन का काफी समय बर्बाद हो चुका है। अब सोमवार को सदन की कार्यवाही कैसे चलती है और क्या हंगामा थमता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
विपक्ष ने कहा है कि जब तक सरकार उनके मुद्दों पर चर्चा नहीं करेगी, तब तक वे सदन में अपनी आवाज उठाते रहेंगे। वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि लोकतंत्र में चर्चा का स्थान है, न कि नारेबाजी और हंगामे का।
INPUT-ANANYA MISHRA






































