गोरखपुर, 5 जुलाई। महानगर के नव पर्यटन स्थल चिलुआताल के किनारे योगी सरकार आध्यात्मिक माहौल बनाएगी। इसके लिए करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से चिलुआताल घाट पर भजन संध्या स्थल का निर्माण कराया जा रहा है। इसी साल अगस्त माह तक निर्माण पूर्ण होने की उम्मीद है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद चिलुआताल घाट पर भक्तिमय सुरों की बयार भी बहने लगेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर, रामगढ़ताल की तर्ज पर पर्यटन विकास कार्यों के जरिये चिलुआताल का कायाकल्प कराया गया है। 20 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से चिलुआताल का सौंदर्यीकरण कराने के साथ ही यहां भजन संध्या स्थल का निर्माण भी कराया जा रहा है। इससे लोगों को घाट पर सैर सपाटे के साथ भजन सुनने का भी आनंद प्राप्त होगा। इस भजन संध्या स्थल पर एक साथ 1014 लोग बैठकर भजनोंं की सरिता में डुबकी लगा सकेंगे।
भजन संध्या स्थल में एक विशाल स्थायी मंच बनाया जा रहा है, जिससे कलाकार भजनों की प्रस्तुति करेंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए सीढ़ीनुमा श्रोता दीर्घा बनाई जा रही है। पूरा आयोजन क्षेत्र आरसीसी छत से आच्छादित होगा, जिससे कि विपरीत मौसम में भी श्रोता भजनों का आनंद ले सकें। यहां कलाकारों के ग्रीन रूम बनाया जाएगा। टायलेट ब्लाक, पेयजल पोस्ट और पार्किंग की समुचित व्यवस्था भी होगी। स्थल का माहौल प्राकृतिक हो, इसके लिए पौधरोपण और लैंड स्केपिंग भी कराई जाएगी। स्थल की दीवारों को स्प्रिचुअल म्यूरल पेंटिंग्स (आध्यात्मिक चित्रों) से सजाया जाएगा।
भजन संध्या स्थल के निर्माण के लिए 12 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई है और इसके सापेक्ष पहली संपूर्ण धनराशि भी जारी की जा चुकी है। चिलुआताल घाट का लोकार्पण करने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 जून को निर्माणाधीन भजन संध्या स्थल का भी निरीक्षण कर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम के मुताबिक निर्माण अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
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