रायबरेली : लालगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे कल्लू मजरे कोरिहरा गांव में शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडों के बीच ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगीं। गोलीबारी की इस दुस्साहसिक वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटना में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस दुस्साहस को अंजाम देने वाले कोई और नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस के दो सिपाही हैं, जो फिलहाल कानपुर में तैनात हैं।मिली जानकारी के अनुसार, पूरे कल्लू मजरे कोरिहरा निवासी शिव प्रकाश, रामचंद्र उर्फ चंदन यादव, मनोज यादव और प्रमोद यादव लालगंज नगर के जीवनदीप टॉकीज के पीछे जेसीबी मशीन से रास्ते का निर्माण करा रहे थे।
इसी बीच गांव के ही अतुल यादव, अंकित यादव, बालेश्वर, अनुज और विजय बहादुर अपने कुछ बाहरी साथियों (विवेक, शिवम और भले लोधी) के साथ मौके पर धमक पड़े। आरोपियों ने जमीन को अपना बताते हुए काम रुकवाने का प्रयास किया।
लाइसेंसी रिवाल्वर से सीने और पैर को निशाना बनाकर दागी गोलियां
विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसी बीच कानपुर में तैनात सिपाही अतुल यादव ने अपने भाई अंकित की लाइसेंसी रिवाल्वर हाथ में थाम ली और सीधे फायरिंग झोंक दी। गोली चलने से चंदन यादव के पैर में और मनोज यादव की कमर में गोली लग गई, जिससे वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। वहीं प्रमोद यादव के पैर को छूती हुई गोली निकल गई, जिससे वे बाल-बाल बच गए। हमलावरों ने शिव प्रकाश को भी लाठी-डंडों से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया।
गाँव में पीएसी तैनात, एसपी ने खुद संभाला मोर्चा
दिनदहाड़े हुए इस सनसनीखेज गोलीकांड की सूचना मिलते ही महकमे में हड़कंप मच गया। लालगंज पुलिस भारी बल के साथ मौके पर दौड़ी और घायलों को तुरंत लालगंज के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका मेडिकल और इलाज चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) रवि कुमार खुद भारी पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और बारीकी से निरीक्षण किया। गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
एसपी ने बताया कि रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट और फायरिंग हुई है। घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी असलहा बरामद कर लिया गया है। मुख्य अभियुक्त समेत आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले में 8 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष और सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।












































