गोंडा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद दौरे से पहले समाजवादी पार्टी के नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया गया। सपा नेताओं का आरोप है कि उन्हें मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने से रोकने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया।
सपा नेताओं पर पाबंदी
सपा जिलाध्यक्ष अरशद हुसैन के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी क्षेत्रीय समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहे थे। हाजी मोहम्मद जकी, शाहान अख्तर, रैनी समेत कई सपा पदाधिकारियों को रात से ही घरों में नजरबंद रखा गया। उन्हें बाहर निकलने और कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने की अनुमति नहीं दी गई।
प्रशासन का तर्क
प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता थी। इसलिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया।
सपा में भारी नाराजगी
इस घटना के बाद सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी नाराजगी है। विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बता रहे हैं। सपा नेताओं का कहना है कि उन्हें अपनी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का मौका तक नहीं दिया गया।
राजनीतिक हलचल तेज
मुख्यमंत्री योगी के गोंडा दौरे के दौरान हुई इस घटना ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी हैं।
सपा इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, जबकि प्रशासन इसे सुरक्षा व्यवस्था का सामान्य प्रबंधन बता रहा है। मामले को लेकर गोंडा में सियासी तापमान बढ़ गया है।













































