एम्स गोरखपुर में प्रथम पोस्टग्रेजुएट एंडो-ट्रेनर स्किल लैब का उद्घाटन

गोरखपुर : एम्स गोरखपुर के सर्जरी विभाग में आज सर्जिकल शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि जुड़ गई, जब विभाग में प्रथम पोस्टग्रेजुएट एंडो-ट्रेनर स्किल लैब का उद्घाटन किया गया। इस अत्याधुनिक स्किल लैब का उद्घाटन संस्थान की कार्यकारी निदेशक रिटायर्ड मेजर जनरल प्रोफेसर डॉ. विभा दत्ता द्वारा मेल सर्जरी वार्ड में किया गया।

इस अवसर पर सामान्य शल्य चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता सहित विभाग के वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. धर्मेंद्र पिपल, डॉ. रवि गुप्ता, डॉ. मुकुल सिंह, डॉ. हरिकेश यादव, डॉ. रजनीश, डॉ. शहनवाज एवं डॉ. मनीष उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग से डॉ. शिखा सेठ तथा न्यूरोसर्जरी विभाग से डॉ. नीरज कनौजिया सहित अन्य विभागों के संकाय सदस्य भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नर्सिंग स्टाफ तथा अन्य सहयोगी कर्मचारियों की भी सक्रिय सहभागिता रही।

यह पीजी स्किल लैब सर्जिकल स्पेशियलिटी के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को लेप्रोस्कोपिक एवं मिनिमली इनवेसिव सर्जरी की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान करेगी। एंडो-ट्रेनर आधारित इस सुविधा में छात्र वास्तविक ऑपरेशन से पूर्व सिमुलेशन के माध्यम से सर्जिकल उपकरणों का सुरक्षित एवं व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। उद्घाटन समारोह के दौरान विद्यार्थियों को उपकरणों का लाइव प्रदर्शन दिखाया गया तथा एंडो-ट्रेनर पर अभ्यास भी कराया गया। सामान्य शल्य चिकित्सा विभाग के पीजी विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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विशेषज्ञों के अनुसार यह स्किल लैब भविष्य के सर्जनों में हाथों की दक्षता, सटीकता, समन्वय तथा आत्मविश्वास विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे ऑपरेशन के दौरान संभावित त्रुटियों में कमी आएगी, मरीजों की सुरक्षा बेहतर होगी तथा प्रशिक्षुओं को आधुनिक सर्जिकल तकनीकों का वास्तविक अनुभव प्राप्त होगा।

इसके अतिरिक्त यह सुविधा शोध, अकादमिक प्रशिक्षण तथा विभिन्न सर्जिकल शाखाओं के बीच समन्वित शिक्षण को भी बढ़ावा देगी। एंडो-ट्रेनर आधारित प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को बार-बार अभ्यास का अवसर मिलेगा, जिससे वे बिना मरीज पर जोखिम डाले जटिल प्रक्रियाओं में दक्षता प्राप्त कर सकेंगे।

एम्स गोरखपुर की यह पहल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा में आधुनिक तकनीकों को शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है तथा भविष्य में मिनिमली इनवेसिव सर्जरी के क्षेत्र में बेहतर एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी।

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