Amethi: गौरीगंज में लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्यशैली को लेकर जनकल्याण समिति ने मोर्चा खोल दिया। सड़कों की खराब हालत, अधूरे निर्माण और सुरक्षा इंतजामों की कमी का आरोप लगाते हुए समिति ने मंगलवार को PWD कार्यालय पहुंचकर अधिशासी अभियंता को मांग पत्र सौंपा। समिति ने समस्याओं के समाधान के लिए विभाग को 15 दिन का समय दिया है।
जानिए मामले से जुड़ी पूरी जानकारी
समिति की अध्यक्ष रीता सिंह ने आरोप लगाया कि सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर निर्माण कार्य केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहा है, जबकि इसका खामियाजा राहगीरों और स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। रीता सिंह के मुताबिक, रायबरेली-सुल्तानपुर नेशनल हाईवे पर राजीव गांधी साइंस कॉलेज मोड़ से अमेठी को जोड़ने वाली सड़क पर बनी दो पुलिया सड़क के स्तर से ऊंची-नीची हैं। इससे दोपहिया वाहन चालकों को तेज झटका लगता है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। समिति ने पुलियों को सड़क के समतल कराने की मांग की है।
उन्होंने महिला थाना गौरीगंज और जिला चिकित्सालय मोड़ पर स्पीड ब्रेकर नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। इन स्थानों पर महिलाओं, मरीजों और बच्चों की आवाजाही रहती है। समिति का आरोप है कि तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। मुंशीगंज चौराहे की यातायात व्यवस्था को लेकर भी समिति ने सवाल उठाए। इसके अलावा मनीपुर-दुर्गभवानी संपर्क मार्ग की जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाते हुए समिति ने कहा कि यहां पुलिया क्षतिग्रस्त है और सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रीता सिंह ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर पुलियों को समतल कराने, आवश्यक स्थानों पर स्पीड ब्रेकर बनवाने और जर्जर मार्ग की मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ तो समिति सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। इसकी जिम्मेदारी PWD विभाग की होगी।

















































