पश्चिम एशिया के समुद्री क्षेत्र, खासकर होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी, इन दिनों तनाव का केंद्र बने हुए हैं। पिछले तीन दिनों में ऐसे तीन जहाज समुद्री घटनाओं का शिकार हुए जिन पर भारतीय चालक दल के सदस्य तैनात थे। इनमें एक घटना में तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई है। लगातार बढ़ते संघर्ष के कारण इस क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय सैलर्स और उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
तीन दिनों में तीन जहाज बने निशाना
8 जून को ओमान के दक्षिण-पूर्वी तट के पास ‘एमटी मैरिवेक्स’ नामक टैंकर पर कार्रवाई की गई, जिसमें 24 भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे। इसके बाद 9 और 10 जून के बीच ‘एमटी सेटेबेलो’ पर हुई घटना में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई, जबकि बाकी सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। 11 जून को ‘एमटी जलवीर’ भी समुद्री संकट में फंस गया, हालांकि इस जहाज पर मौजूद सभी 21 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
भारतीय चालक दल, लेकिन विदेशी झंडे वाले जहाज
विदेश मंत्रालय के अनुसार इन घटनाओं में शामिल तीनों जहाज भारतीय स्वामित्व वाले नहीं थे, बल्कि वे विदेशी झंडे के तहत संचालित हो रहे थे। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इन मामलों में भारतीय नागरिक चालक दल का हिस्सा थे। भारत सरकार ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए हालात पर लगातार नजर बनाए रखने की बात कही है।
हजारों भारतीय नाविक अब भी जोखिम वाले क्षेत्र में मौजूद
शिपिंग मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक होर्मुज क्षेत्र और उसके आसपास भारतीय झंडे वाले 13 जहाजों पर 562 भारतीय नाविक तैनात हैं। इसके अलावा विदेशी झंडे वाले विभिन्न जहाजों पर करीब 18 हजार भारतीय सैलर्स काम कर रहे हैं। लगातार बढ़ते सैन्य तनाव और समुद्री घटनाओं के कारण इन सभी की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
Also Read: होर्मुज स्ट्रेट में इंतजार करते भारतीय टैंकर, पहले दो जहाजों को मिली क्लियरेंस
दुनिया के अहम ऊर्जा मार्ग पर गहराया संकट
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में गिना जाता है, जहां से वैश्विक तेल और एलएनजी आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष और सैन्य गतिविधियों ने इस समुद्री रास्ते को बेहद संवेदनशील बना दिया है। भारत ने वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रही घटनाओं पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से तनाव कम करने और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। फिलहाल खाड़ी क्षेत्र में कार्यरत भारतीय नाविकों और उनके परिवारों के लिए यह स्थिति जीवन और सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गई है।
( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)















































