रायबरेली: दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिंग कर युवक की हत्या के बहुचर्चित मामले में अदालत ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. द्वितीय अपर जिला जज अमित कुमार पांडेय की अदालत ने बछरावां के कसरावां निवासी दो सगे भाइयों समेत तीन अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए उन पर अर्थदंड भी लगाया है.
अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता उमानाथ सिंह ने पैरवी की. मुकदमे की सुनवाई के दौरान कुल आठ गवाहों के बयान दर्ज किए गए. प्रत्यक्षदर्शी गवाह आशिक अली की गवाही को अदालत ने अहम माना, जिसने घटना का आंखों देखा विवरण प्रस्तुत किया.
यह मामला 14 अप्रैल 2019 का है. उस दिन रामनवमी पर्व की तैयारियां चल रही थीं. सुबह करीब 11 बजे मनीष अवस्थी बाइक से जा रहे थे. आरोप है कि इसी दौरान अभियुक्तों ने विहिप के धर्म प्रसार प्रमुख अरुण त्रिवेदी की चक्की के पास उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी.अदालत ने बछरावां के कसरावां निवासी अमित शुक्ला, उसके भाई आदित्य शुक्ला और मनीष त्रिवेदी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई.
इसके अलावा, अवैध असलहा रखने के मामले में अमित शुक्ला और आदित्य शुक्ला पर एक-एक हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया. अदालत के फैसले के बाद मामले का लंबे समय से चल रहा ट्रायल समाप्त हो गया.
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