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गोरखपुर: CM योगी ने कम्हरिया घाट पुल का किया लोकार्पण, जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- आपने वर्षों पुरानी लड़ाई में प्राप्त कर ली विजय

CM Yogi Adityanath Gorakhpur

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) गुरुवार को गोरखपुर (Gorakhpur) जनपद पहुंचे। यहां उन्होंने बेलघाट के कम्हरिया घाट पर बने पुल का लोकार्पण किया। सीएम योगी ने कहा कि घाघरा नदी के कम्हरिया घाट पुल का आज लोकार्पण हो रहा है। यह आशाओं और आकांक्षाओं का सेतु है। यह पूर्वांचल में आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक समृद्धि का माध्यम बनेगा।

जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आप सभी ने वर्षों पुरानी लड़ाई में विजय प्राप्त कर लिया है, इसके लिए सभी को बधाई। इसके साथ ही उन्होंने जनपद वासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami) की बधाई व शुभकामनाएं भी दी हैं।

उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि कम्हरिया घाट के पुल के निर्माण के लिए यहां आंदोलन हुआ था और उस समय हमारी संसद चल रही थी। उस समय एक बहुत बड़ी दुर्घटना होते- होते सरयू मईया के कारण बच पाई थी। सीएम ने कहा कि यहां पर तमाम आंदोलनकारियों को समाजवादी पार्टी की सरकार ने क्रूरता के साथ उन पर अत्याचार ढाया था और आंदोलन को दबाने के तमाम प्रयास किए थे।

सीएम योगी ने कहा कि तब मैं उस समय सांसद था और सांसद के रूप में देश की संसद में भी इस मुद्दे को उठाया था और तब मैंने इस बात को कहा था कि वहां की यह जायज मांग है। गोरखपुर के विकास की बात करें तो गोरखपुर के महानगर के आसपास विकास हुआ भी लेकिन दक्षिणांचल का क्षेत्र विकास से कोसों दूर था।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मुझे बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि आपने कम्हरिया घाट पुल की मांग की थी और और यह पुल तैयार हो गया है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे (Gorakhpur Link Expressway) बनने के साथ ही बेलघाट, खजनी, गोला व आसपास के पूरे क्षेत्र वासियों को लखनऊ, प्रयागराज व अंबेडकरनगर जाने के लिए या फिर आजमगढ़ जाने के लिए जो दूरी है वह बहुत सीमित हो जाएगी।

बता दें कि कम्हरिया घाट पर पक्का पुल निर्माण के लिए सन 2000 के आसपास आंदोलन शुरू हुआ था। शुरुआत कम्हरिया घाट संघर्ष समिति के सदस्य गोवर्धन चंद, भिखारी प्रजापति और विनय शाही ने की। इन लोगों ने बार-बार धरना दिया। डीएम से लेकर के प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री तक प्रार्थनापत्र देकर पुल निर्माण की मांग की।

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इसके बाद अप्रैल 2013 में सर्वहित क्रांति दल के अध्यक्ष सत्यवंत प्रताप सिंह ने कम्हरिया घाट पर पक्का पुल निर्माण के लिए धरना-प्रदर्शन शुरू किया और देखते ही देखते यह जल सत्याग्रह के रूप में परिवर्तित हो गया जो लगभग 15 दिनों तक चला।

इसके बाद प्रशासन ने सरयू नदी के किनारे जल सत्याग्रहियों पर लाठी चार्ज किया। फिर तत्कालीन सदर सांसद योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से कम्हरियाघाट पर पक्के पुल का निर्माण फरवरी 2014 से शुरू हुआ जो जुलाई 2022 में जाकर के पूरा हुआ।

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