लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय तस्करों ने बैंकॉक से सीधे भारत में हाइड्रोपोनिक वीड (मारिजुआना) भेजने का रूट बदल दिया। अब उन्होंने बैंकॉक से मस्कट होते हुए लखनऊ एयरपोर्ट को नया रास्ता बनाया, लेकिन कस्टम विभाग की सतर्क टीम ने उनकी चालाकी नाकाम कर दी।
सोमवार देर रात लखनऊ एयरपोर्ट पर 13 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई जा रही है। साथ ही एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया।
मस्कट से लाया गया था ड्रग्स
वायुसीमा शुल्क (कस्टम) के अपर आयुक्त जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम एयरपोर्ट पर सतर्क थी। ओमान एयर का विमान WY-265 मस्कट से लखनऊ पहुंचा। चेक-इन बैगेज की एक्स-रे जांच के दौरान एक बैग में संदिग्ध वस्तुएं दिखाई दीं।
टीम ने संबंधित यात्री की तलाश की और उसके सामान की गहन तलाशी ली। बैग में चॉकलेट के पांच बड़े पैकेट मिले। हर पैकेट के अंदर दो-दो पॉलीथीन बैगों में हाइड्रोपोनिक वीड को बड़ी चतुराई से छिपाया गया था।
तस्करों ने बदला था रूट
पुलिस और कस्टम सूत्रों के अनुसार, हाल ही में बैंकॉक से सीधे भारत आने वाली खेपें पकड़े जाने के बाद तस्करों ने अपना रूट बदल लिया था। अब वे बैंकॉक से मस्कट भेज रहे थे और वहां से भारतीय एयरपोर्ट पर सप्लाई करने की कोशिश कर रहे थे। इस बार भी उनकी सारी प्लानिंग नाकाम हो गई।
आरोपी को न्यायिक हिरासत
मंगलवार को गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। कस्टम विभाग आरोपी से पूछताछ कर पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश कर रहा है।
कस्टम अधिकारियों ने कहा कि हाइड्रोपोनिक गांजा सामान्य गांजे की तुलना में ज्यादा शक्तिशाली और महंगा होता है। इसे छिपाने के लिए चॉकलेट पैकेट का इस्तेमाल एक नई चाल थी, जिस पर कस्टम टीम ने सख्त नजर रखी।
यह कार्रवाई लखनऊ एयरपोर्ट पर ड्रग्स तस्करी के खिलाफ कस्टम विभाग की सतर्कता और प्रभावी खुफिया जानकारी का नतीजा बताई जा रही है। विभाग अन्य संबंधित एयरपोर्ट्स और एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर पूरे रैकेट का भंडाफोड़ करने में जुटा है।












































